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सामने आएगा यूपी के भाजपाई दिग्गजों का 'दिखावा'

Sun, 07 Jun 2015 08:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 07 Jun 2015 08:25 PM IST
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BJP's mahasampark abhiyan to expose its big leaders.

भाजपा के बड़बोले नेताओं के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है। पार्टी की तरफ से चलाए जा रहे महासंपर्क अभियान के दौरान व्यक्तिगत व बूथ संपर्क कार्यक्रम उनकी पोल खोल सकता है।

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खास तौर से ऐसे नेताओं की, जो बातें तो बड़ी-बड़ी करते हैं लेकिन जमीन पर काम नहीं करते। सदस्यता अभियान के दौरान भी घर पर ही बैठे रहे या फिर अपने खाते में दूसरे कार्यकर्ताओं की कॉल को जोड़कर बहुत ज्यादा संख्या में मिस्ड कॉल कराके वाहवाही लूटने की कोशिश की है।
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दरअसल, व्यक्तिगत व बूथ संपर्क अभियान के दौरान अब इन नेताओं को अपने कराई गई मिस्ड कॉल के आधार पर लोगों से व्यक्तिगत तौर पर मिलना है। साथ ही उनका फॉर्म भरने के अलावा अपने मोबाइल फोन से उनसे फिर पार्टी के निर्धारित नंबर पर मिस्ड कॉल करानी है।
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ऐसा नहीं करने पर उनके द्वारा दी गई सूची को फेक मान लिया जाएगा और वे सक्रिय सदस्य नहीं रह पाएंगे। इसी तरह अगर किसी नेता से जुड़े बूथ से सौ प्राथमिक सदस्य भी नहीं बन पाए हैं तो उसकी पकड़ व पहुंच तथा लोगों से संपर्क की क्षमता पर सवाल अलग उठेंगे।

ताकि चल सके असलियत का पता

BJP's mahasampark abhiyan to expose its big leaders.

दरअसल, मिस्ड कॉल अभियान के दौरान कई जगह बड़े नेताओं, सांसदों व विधायकों तथा अन्य कई लोगों ने कार्यकर्ताओं द्वारा कराई गई मिस्ड कॉल का ब्यौरा भी अपने खाते में शामिल करके लिस्ट दे दी है।

कई स्थानों से ऐसी शिकायतें भी आई थीं। उसी के मद्देनजर यह विशेष अभियान चलाने का फैसला किया गया है।

मुश्किल होगा झूठ पर पर्दा डालना : अगर किसी नेता ने अपने खाते में 5 हजार मिस्ड कॉल दिखाई है तो उसे इस विशेष अभियान में उन सभी लोगों के पास जाकर फिर से मिस्ड कॉल करानी होगी। तभी उसकी सक्रिय सदस्यता पक्की होगी और उसकी सूची के लोगों की प्राथमिक सदस्यता निश्चित होगी। जाहिर है यह काम बहुत आसान नहीं है।

प्रदेश सदस्यता प्रमुख स्वतंत्र देव सिंह कहते भी हैं कि पार्टी के पुराने व निष्ठावान कार्यकर्ताओं को इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। दोहरी जांच की प्रक्रिया इसीलिए बनाई गई है कि सच सामने आ जाए। साथ ही जमीन पर मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को पूरा मौका मिले।

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