टिकट वितरण: भाजपा ने 42 विधायकों पर जताया भरोसा
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विधानसभा चुनाव में यूपी का रण जीतने के लिए भाजपा ने मौजूदा 42 विधायकों पर भरोसा जताते हुए फिर से मैदान में उतारा है। पहले व दूसरे चरण की 149 सीटों पर घोषित उम्मीदवारों में हालांकि एक विधायक का टिकट काट दिया गया है।
पार्टी ने राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा, पूर्व सांसद व क्रिकेटर चेतन चौहान, कांग्रेस से पूर्व सांसद अवतार सिंह भडाना को भी चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा ने मेरठ दक्षिण से अपने विधायक रवींद्र भडाना का टिकट काट दिया है।
उनके स्थान पर सोमेंद्र तोमर को प्रत्याशी बनाया गया है। सूची में पार्टी ने 20 ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जिन्हें 2012 में भी चुनाव मैदान में उतारा गया था, लेकिन वे नहीं जीत सके थे।
कैराना, मेरठ की कुछ सीटों पर असमंजस
पहले और दूसरे चरण की कुछ सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की गई है। इसमें कैराना, मेरठ कैंट, नोएडा सहित करीब नौ सीटें शामिल हैं। इन सीटों में नोएडा से विमला बाथम और मेरठ कैंट से सत्यप्रकाश अग्रवाल पार्टी के विधायक हैं। इससे संकेत मिलता है कि इन सीटों को लेकर पार्टी नेतृत्व असमंजस में है।
मोदी की नसीहत बेअसर, करीबियों को टिकट
पीएम मोदी की नसीहत के उलट कई नेताओं के करीबियों को टिकट दिया गया है। केंद्रीय मंत्री उमा भारती के सहयोगी रहे संजय शर्मा अनूपशहर से टिकट लेने में कामयाब रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि उमा ने उनके लिए मजबूती से पैरवी की थी। ऐसे ही सिवालखास से जितेंद्र सतवई को उम्मीदवार बनाया गया है। बताया जा रहा है कि सतवई की पैरवी विश्व हिंदू परिषद से जुडे़ संत स्वामी दयानद ने की थी।
दल बदला तो भी नहीं मिला टिकट
अखिलेश सरकार में परिवहन मंत्री रहे महेंद्र अरिदमन सिंह भाजपा में शामिल होने के बाद भी टिकट नहीं पा सकेहैं। उनकी जगह उनकी पत्नी रानी पक्षालिका सिंह को बाह से टिकट दिया गया है।
बसपा से पाला बदलकर भाजपा में आए विधायक छोटेलाल वर्मा भी टिकट नहीं पा सके हैं। उनकेस्थान पर पार्टी ने जितेंद्र वर्मा को मैदान में उतारा है।
दूसरे दलों के नेताओं को तरजीह
रालोद विधायक दल के नेता दलबीर सिंह और इसी दल से विधायक पूरन प्रकाश भाजपा का टिकट पाने में कामयाब रहे। बसपा और सपा से विधायक रह चुकीं ओमवती, बसपा से विधायक रह चुके अशोक राणा सहित रालोद से आए केपी मलिक, योगेश धामा, रालोद तथा बसपा में रह चुकेलक्ष्मीनारायण चौधरी को भी भाजपा ने चुनाव मैदान में उतारा है।
गाजियाबाद की मुरादनगर सीट से पार्टी ने बसपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे राजपाल त्यागी के पुत्र अजीतपाल त्यागी को मैदान में उतारा है।
पूर्व सांसद और लोकसभा चुनाव में फीरोजाबाद से भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे डॉ. एसपी सिंह बघेल को आगरा की टूंडला सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।