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'जब सीएम और आजम ही नहीं, तो बैठक का क्या फायदा'
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Mon, 16 Sep 2013 01:17 AM IST
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विधानमंडल सत्र के मद्देनजर विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का भाजपा ने बहिष्कार कर दिया।
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पार्टी ने कहा कि जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और संसदीय कार्यमंत्री मो. आजम खां को बैठक की गंभीरता व गरिमा का ख्याल नहीं है तो फिर ऐसी बैठक में शामिल होने का कोई अर्थ नहीं है।
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बैठक के बहिष्कार को पूरी तरह जायज ठहराया। भाजपा की गैरहाजिरी में हुई बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दलों से सदन की कार्यवाही व्यवस्थित तरीके से चलाने में सहयोग मांगा।
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वाजपेयी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विधानसभा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब नेता सदन (मुख्यमंत्री) तथा संसदीय कार्य मंत्री सर्वदलीय बैठक में उपस्थित न रहे हों।
इन दोनों की अनुपस्थिति में सर्वदलीय बैठक का कोई औचित्य नहीं रह जाता। मुख्यमंत्री एवं संसदीय कार्यमंत्री सदन के प्रति न तो गंभीर हैं और न ही जवाबदेह। उन्हें या तो एक दिन पहले मुजफ्फरनगर जाना चाहिए था या बैठक के बाद जाते।
वाजपेयी ने आरोप लगाया कि एक बार फिर यह साबित हो गया है कि सरकार न तो मुजफ्फरनगर की सांप्रदायिक हिंसा पर गंभीर है और न सदन को लेकर।
विधानसभा अध्यक्ष को खुद इस स्थिति का संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। मुख्यमंत्री व संसदीय कार्यमंत्री ने अध्यक्ष की गरिमा को चोट पहुंचाई है।