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2019 चुनाव के लिए भाजपा की रणनीति का खुलासा, कई सांसदों का टिकट काटने की तैयारी

Wed, 03 Oct 2018 03:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 03 Oct 2018 03:13 PM IST
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BJP plans to change its candidates for general election 2019.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह।

पिछले लोकसभा चुनाव में जीते कई भाजपा सांसदों के सिर पर टिकट कटने की तलवार लटक रही है। मिशन 2019 में जीत का तानाबाना बुन रही भाजपा के रणनीतिकारों ने ज्यादातर जगहों पर मौजूदा सांसदों के प्रति लोगों में नाराजगी और शिकायतों को देखते हुए इस पर विचार शुरू कर दिया है।

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इनमें वे सांसद भी शामिल हैं जो लगभग एक साल से चल रहे पार्टी के अभियानों में रुचि नहीं ले रहे हैं और वे भी जिन्होंने अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
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दरअसल, पिछले दिनों दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल की बैठक में सांसदों के प्रदर्शन तथा उनकी अपने क्षेत्र में छवि एवं पकड़ की समीक्षा की गई।

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विकास कार्यों में दिलचस्पी न लेना भी बना मुद्दा

जानकारी के मुताबिक, सुनील बंसल ने एक दर्जन सांसदों के पार्टी के अभियानों में दिलचस्पी न लेने की जानकारी दी। बैठक में कई सांसदों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों में दिलचस्पी न लेने का मुद्दा भी उठा।

कहा गया कि पिछले दिनों गांव में रात्रि निवास अभियान में कई सांसद नहीं गए। कुछ गए तो रात में वहां रुके नहीं। कुछ के समानान्तर संगठन खड़ा करने से हो रहे नुकसान पर भी चर्चा की गई।

कई सांसदों द्वारा अपनी क्षेत्र विकास निधि को खर्च करने में रुचि नहीं लेने की बात भी उठी। महामंत्री ने बताया कि संगठन इनकी रिपोर्ट तैयार करा रहा है। गांवों को गोद लेने के मामले में सांसदों की हीलाहवाली का मामला भी उठा।

विधायकों व कार्यकर्ताओं से संवाद न रखने वालों पर नजर

कुछ सांसदों का विधायकों और कार्यकर्ताओं से तालमेल तथा संवाद व संपर्क न रखना भी भाजपा नेतृत्व के लिए चिंता की वजह है। कई जिलों के पदाधिकारी यह शिकायत कर चुके हैं कि उनके यहां के सांसद अपने निजी समर्थकों का गुट बनाकर काम करते हैं। कई विधायक भी यही करते हैं।

इस कारण संगठन की साख प्रभावित हो रही है। यह स्थिति चुनाव में संकट बढ़ा सकती है। सावित्री बाई फुले सहित कुछ सांसद अपनी बयानबाजी से भाजपा की मुसीबत बढ़ा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, ऐसे सभी सांसदों की जगह नए लोगों को चुनाव लड़ाने की नीति बनी है। यह भी तय हुआ कि यदि रणनीति या समीकरणों के लिहाज से किसी को चुनाव लड़ाना जरूरी हो तो उसका क्षेत्र बदल दिया जाए।

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