...इस मास्टर प्लान से यूपी का दुर्ग जीतेंगे भाजपाई
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भाजपा हाईकमान ने उत्तर प्रदेश के पार्टी नेताओं पर चढ़ी जीत की खुमारी उतारने की तैयारी कर ली है। इसके लिए मिशन यूपी की कार्ययोजना बनाई जा रही है।
इसके तहत प्रदेश भर में विभिन्नि मुद्दों पर आंदोलन करने से लेकर संगठनात्मक ढांचे को दुरुस्त करने के लिए सम्मेलन तक के कार्यक्रम बनाए जा रहे हैं। प्रदेश में बड़े नेताओं की सभाएं भी कराई जाएंगी।
प्रदेश से जुडे़ नेताओं और सांसदों को लोगों के बीच लगातार सक्रिय रखने का एजेंडा सौंपा जाएगा। वृंदावन में 23 व 24 अगस्त को प्रस्तावित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में इस पूरी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श करके अंतिम रूप देने के साथ ही इसे लागू करने का खाका भी खींचा जाएगा।
प्रशासन पर भी दबाव बनाने की तैयारी
जानकारी के मुताबिक, कार्ययोजना को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहला संघर्ष, दूसरा संपर्क व संवाद और तीसरा आम लोगों के सरोकारों से जुड़कर उनकी समस्याओं के समाधान में सहायक बनना तथा रचनात्मक कार्यों के जरिये उन्हें पार्टी के नजदीक लाना।
सबसे पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर राज्य सरकार को पूरे प्रदेश में मजबूती के साथ घेरने के कार्यक्रम तय होंगे।
ऐसे प्रयास होंगे कि कानून-व्यवस्था या प्रदेश सरकार की तुष्टीकरण नीति से पीड़ित लोगों की मदद के लिए भाजपा कार्यकर्ता खड़े दिखें। साथ ही प्रशासन पर इस बात का दबाव बनाएंगे कि एकतरफा कार्रवाई न हो।
इस काम में मानवाधिकार प्रकोष्ठ व विधि प्रकोष्ठ के लोगों को आगे किया जाएगा। इसके अलावा बिजली, पानी, सड़क से जुड़ी व किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा के लोग सड़कों पर दिखेंगे।
युवाओ से जुड़ने पर जोर
कार्ययोजना के दूसरे हिस्से के तहत लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी से जुड़े लोगों को स्थायी तौर पर साथ रखने के लिए सम्मेलन शुरू भी कर दिए गए हैं।
अब अलग-अलग मोर्चा व प्रकोष्ठों को अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित लोगों से संपर्क व सम्मेलन का काम सौंपा जाएगा।
युवा मोर्चा को छात्रों की समस्याओं के समाधान और युवकों से संपर्क व संघर्ष की जिम्मेदारी दी जाएगी तो किसान मोर्चा किसानों की समस्याओं पर संघर्ष का खाका खींचेगा।
साथ ही संपर्क व संवाद को दुरुस्त करने के लिए इनके सम्मेलन करेगा। इसी तरह अन्य मोर्चा व प्रकोष्ठ काम करेंगे। बूथ कमेटियों की समीक्षा भी की जाएगी। जहां ये कमेटियां सक्रिय नहीं हैं, वहां नए लोगों को जोड़कर यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
केंद्र सरकार की योजनाओं का करेंगे प्रचार
संघर्ष, संपर्क व संवाद के साथ ही पार्टी ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को लोगों के बीच पहुंचाने और उन्हें देश में भाजपा की सत्ता होने का एहसास कराने का भी फैसला किया है। इसके तहत मोर्चा व प्रकोष्ठ कार्यकर्ता अलग-अलग तबकों व वर्गों के बीच जाकर उन्हें केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी देंगे व उन्हें इनका लाभ दिलाने में सहायता करेंगे।
दरअसल, केंद्र में सत्ता में आने के बावजूद भाजपा हाईकमान यूपी को लेकर बहुत निश्चिंत नहीं हो पा रहा है। उसे पता है कि असली चुनौती 2017 के विधानसभा चुनाव हैं।
उसमें भाजपा का झंडा फहराए बगैर इस लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से मिले समर्थन को अगले लोकसभा चुनाव तक बरकरार रखना काफी मुश्किल होगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी कहते हैं कि पार्टी कार्यकर्ता प्रदेश सरकार के उत्पीड़न व जनविरोधी फैसलों के खिलाफ संघर्ष करेंगे और लोगों की समस्याओं के समाधान में मदद करेंगे। केंद्र सरकार के फैसलों का लाभ जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उठाएंगे।