यूपी: सपा के 'ब्राह्मण प्रेम' पर सियासी घमासान, भाजपा नेताओं ने अखिलेश यादव से पूछे सवाल
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भगवान परशुराम की मूर्ति लगवाने की समाजवादी पार्टी की घोषणा के बाद ब्राह्मणों के मुद्दे पर प्रदेश में सियासी घमासान तेज होता जा रहा है। कन्नौज से भाजपा सांसद सुब्रत पाठक, लोक निर्माण राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने सपा नेताओं के ब्राह्मण प्रेम पर सवाल उठाए हैं।
सुब्रत पाठक ने आरोप लगाया कि चाहे मुलायम सिंह यादव की सरकार रही हो या अखिलेश यादव की, ब्राह्मणों का न सिर्फ उत्पीड़न हुआ बल्कि उन्हें अपमानित करने का भी कोई मौका नहीं छोड़ा गया। उन्होंने 2004 के लोकसभा चुनाव में छिबरामऊ में भाजपा कार्यकर्ता नीरज मिश्र की हत्या सहित अन्य कई मुद्दों पर मुलायम व अखिलेश को घेरा।
चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि ब्राह्मण कोई भेड़-बकरी नहीं है कि जो जिधर चाहे उधर खदेड़ ले जाए। ब्राह्मणों को यह बात भलीभांति याद है कि सपा सरकार में हुई भर्ती परीक्षाओं में किस तरह धांधली करके सिर्फ एक जाति विशेष को ज्यादातर नौकरियां दी गईं। इसके लिए न सिर्फ उत्तरपुस्तिकाओं में हेराफेरी कराई गई बल्कि साक्षात्कार में भी जमकर धांधली की गई।
पुलिस भर्ती में भी यही हुआ। ऐसे में सिर्फ परशुराम की मूर्ति लगवा देने भर से वह सपा के पक्ष में खड़ा नहीं हो जाएगा। ब्राह्मण यह भी नहीं भूल सकता कि सपा, बसपा और कांग्रेस ने किस तरह भारतीय संस्कृति को अपमानित करने के लिए मुस्लिम तुष्टीकरण को बढ़ावा दिया।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री ने उठाए सवाल
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने ट्वीट कर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से पूछा ‘उत्तर प्रदेश का ब्राह्मण जानना चाहता है कि आपकी पार्टी की स्थापना से लेकर आज तक कितने ब्राह्मण राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष बने। कितने जिलाध्यक्ष ब्राह्मण हैं और लोकसभा चुनाव 2019 में कितने ब्राह्मणों को टिकट दिया गया?’
द्विवेदी ने एक के बाद एक तीन ट्वीट कर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से यह भी पूछा कि सपा सरकार में कितने निगमों और आयोगों के अध्यक्ष ब्राह्मण थे? उ.प्र. लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में किन जाति के लोगों का सर्वाधिक चयन हुआ। जिन ब्राह्मण नेताओं को आपने ब्राह्मणों को पार्टी से जोड़ने का काम सौंपा है, उन माता प्रसाद पांडेय और अभिषेक मिश्र को भी लोकसभा चुनाव लड़ने के योग्य क्यों नहीं समझा गया?
सपा को यह भी बताना चाहिए कि आने वाले दिनों में वह अपने कोटे की राज्यसभा व विधान परिषद सीटों पर किन ब्राह्मण नेताओं को भेजने वाली है।