पंचायत चुनाव के सहारे बूथों को सपा-बसपा मुक्त करने में जुटी भाजपा, लंबे समय तक जनाधार मजबूत करने पर जोर
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पंचायत चुनाव में झंडा फहराने में जुटी भाजपा ने जीत की रणनीति का तानाबाना बुनना शुरू कर दिया है। इसके लिए उसने मुख्य रूप से लोकसभा चुनाव की रणनीति पर काम करते बूथों को सपा-बसपा मुक्त बनाने के अभियान में नए सिरे से जुटने का फैसला किया है। साथ ही गांवों में जनाधार को और मजबूत बनाने के साथ जातीय समीकरण ठीक करने को यादव-जाटव जोड़ो अभियान पर नजरें टिकाई हैं।
पार्टी के रणनीतिकारों ने सांगठनिक रूप से गठित सभी छह क्षेत्रों में भाजपा के एक पदाधिकारी और सरकार के एक मंत्री को नियुक्त करते हुए पंचायत चुनाव के सहारे गांवों में विपक्ष की जड़ों को कमजोर करने की रणनीति बनाई है। प्रत्येक मंडल में पार्टी के पदाधिकारियों को हर गांवों के उन प्रमुख लोगों की सूची बनाने को कहा है जो स्थानीय स्तर पर चुनाव को प्रभावित करते हैं, पर इस समय सपा और बसपा से जुड़े हुए हैं।
ऐसे लोगों में ज्यादातर को भाजपा के पक्ष में लामबंद करने की योजना है। इसी तरह जातीय समीकरण के मद्देनजर भी ग्राम पंचायतवार उन जातियों पर फोकस करने का फैसला किया गया है, जिनका वोट अभी तक भाजपा को अपेक्षाकृत कम मिलता है।
इस तरह लोगों को जोड़ा जा रहा भाजपा से
रणनीति के अनुसार, ऐसे लोगों को भाजपा के साथ लाने के लिए उनसे संपर्क के साथ उन्हें या उनके परिवार के किसी न किसी युवा सदस्य को पार्टी के साथ जोड़ने की कोशिश की जाएगी। भले ही वे भाजपा के सदस्य न बने, लेकिन उन्हें भाजपा के सांगठनिक गतिविधियों में किसी न किसी बहाने लाने का प्रयास होगा।
सूत्रों के अनुसार, ऐसे लोगों के परिवार के किसी सदस्य को पंचायत चुनाव भी लड़ाया जा सकता है। इसी तरह राजनीतिक समीकरणों के मद्देनजर अभी तक भाजपा से दूरी रखने वाली यादव और जाटव जातियों को किसी न किसी तरह से संगठन के साथ लाने की तैयारी की गई है। इसके लिए इन जातियों खासतौर से यादव और जाटव को भी पंचायत चुनाव में भागीदारी देने की योजना है।
लंबे समय तक पार्टी का जनाधार होगा मजबूत
दरअसल, भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि पंचायत चुनाव चूंकि गांव स्तर पर होते हैं। इन चुनाव के बूथ भी ज्यादा होते हैं। इसलिए अगर इन चुनाव के जरिये बूथों पर भाजपा के समीकरण मजबूत बना लिए जाएं तो पार्टी का जनाधार लंबे समय तक मजबूत हो जाएगा।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पंचायत चुनाव के प्रभारी विजय पाठक कहते भी हैं कि राजनीतिक दल होने के नाते हर दल अपना जमीनी जनाधार मजबूत बनाने की कोशिश करता है। हम अपनी विचारधारा और नीतियों को लेकर लोगों के बीच जा रहे हैं। कोई यदि हमारी नीतियों और सिद्धांतों से प्रभावित होकर पार्टी में आना चाहता है तो उसका स्वागत है।