मध्य प्रदेश में सियासी खींचतान पर अखिलेश यादव बोले, लोकतंत्र के लिए खतरा बनी भाजपा
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सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में बदले की भावना में डूबी भाजपा की सरकार अहंकारी है। दूसरों की तस्वीर चौराहों पर लगाने वालों की खुद की छवि धूमिल हो रही है। भाजपा राज्यों में विपक्षी दलों को डरा-धमका रही है, दूसरे हथकंडों से प्रभावित कर रही है। इन कारनामों से भाजपा लोकतंत्र के लिए खतरा बन गई है।
अखिलेश ने बुधवार को बयान में कहा कि भाजपा का आचरण लोकतंत्र विरोधी है। जनता की निगाह में बदले की भावना से किए गए कामों का फल अच्छा नहीं होता है। जनता के मन में भारी आक्रोश है। भाजपा को राजनीतिक मूल्यों एवं नैतिकता की तनिक भी परवाह नहीं है।
भाजपा सरकार के तीन साल पूरे हो गए लेकिन जनकल्याण की एक भी योजना जमीन पर नहीं उतर पाई है। सपा सरकार के कामों को दोहराकर या उन्हें नए-नए नाम देकर ही भाजपा सरकार एक-एक दिन काट रही है।
सामाजिक न्याय के लिए जातीय जनगणना जरूरी
सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक सद्भाव के लिए प्रतिबद्ध है। सौहार्द के वातावरण में ही विकास हो सकता है। विकास को गति देने और सामाजिक न्याय के लाभ के लिए जातीय जनगणना होनी चाहिए। इससे समाज के सभी वर्ग के लोगों को उनकी संख्या के अनुरूप हिस्सेदारी तय हो सकेगी। इसमें हिंदू-मुस्लिम की कोई समस्या नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार में कमजोर वर्गों के हित में कई योजनाएं लागू की गई थीं। किसानों, गरीबों को प्राथमिकता में रखा था। नौजवानों को रोटी-रोजगार से जोड़ा था। किसान आज कर्ज और महंगाई से बदहाल है। नौजवान बेरोजगारी की मार से बेहाल है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार अनियंत्रित है।