दिल्ली से नहीं हुआ 'ओके' तो भाजपा के घोषित प्रत्याशियों की बढ़ी धुकधुकी
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केस- एक
हाथरस के सादाबाद के पूर्व विधायक आर्य रामशरन उर्फ रेहट ताऊ अपने क्षेत्र की भाजपा प्रत्याशी प्रीति चौधरी का सिम्बल लेने के लिए बृहस्पतिवार को प्रदेश मुख्यालय आए थे। शनिवार शाम तक सिम्बल नहीं मिला। कहा गया, दिल्ली से मंजूरी मिलने के बाद ही सिम्बल दिया जाएगा।
केस- दो
एटा के जलेसर (सुरक्षित) से भाजपा प्रत्याशी संजीव दिवाकर के सिम्बल के लिए राघवेंद्र सिंह ने शुक्रवार को ही आवेदन जमा करा दिया था, लेकिन शनिवार शाम तक सिम्बल नहीं मिला। पार्टी पदाधिकारियों से संपर्क करने पर बताया गया कि ऊपर से ‘ओके’होने पर सिम्बल दे दिया जाएगा।
केस- तीन
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा से भाजपा प्रत्याशी राजपाल सिंह चौहान का सिम्बल लेने डॉ. संजीव चौहान शनिवार को लखनऊ पहुंचे। उन्होंने सुबह ही आवेदन जमा करा दिया, लेकिन शाम तक यही बताया जाता रहा कि दिल्ली से मंजूरी नहीं मिली है।
प्रत्याशी बदलने की सुगबुगाहट भी शुरू
भाजपा ने विधानसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण के लिए भले ही 149 प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं, लेकिन उन्हें पार्टी का सिम्बल दिल्ली के इशारे पर ही दिया जा रहा है।
सिम्बल नहीं मिलने से जहां प्रत्याशियों व उनके समर्थकों की चिंता बढ़ गई है, वहीं प्रत्याशी बदलने की सुगबुगाहट भी शुरू हो गई है।
राजधानी स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर पिछले तीन दिन से प्रत्याशियों को सिम्बल दिए जा रहे हैं। पूर्व एमएलसी श्याम नंदन सिंह को सिम्बल वितरित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सिंह अपनी टीम के साथ सिम्बल के आवेदन की जांच कर जिन घोषित प्रत्याशियों के लिए हरी झंडी मिल गई है, उनके सिम्बल जारी कर रहे हैं।
आवेदन के साथ भेजा गया
प्रदेश मुख्यालय से भाजपा प्रत्याशियों को सिम्बल देने का काम गुरुवार को ही शुरू हो गया था। ऐसे में प्रत्याशियों ने सिम्बल के आवेदन के साथ अपने प्रतिनिधियों को लखनऊ भेज दिया था।
कई प्रतिनिधि गुरुवार से ही सिम्बल के इंतजार में यहां बैठे हैं। सिम्बल नहीं मिलने से तरह-तरह की अटकलें और आशंकाएं पैदा हो रही हैं। परेशान प्रतिनिधियों ने प्रत्याशियों को भी इसकी सूचना दे दी है।
हमारा सिम्बल आ गया क्या?
वरिष्ठ पदाधिकारी कक्ष के बाहर सिम्बल लेने आए प्रतिनिधियों की कतार है। जैसे ही गेट खुलता है, हर तरफ से एक ही आवाज आती है -हमारा सिम्बल आ गया क्या?
कक्ष से जिन्हें सिम्बल के लिए अंदर बुलाया जाता है, उनका चेहरा खुशी से खिल जाता है। बाकी प्रतिनिधि अपनी बारी के इंतजार में बैठे रहते हैं।