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UP News: प्राथमिक स्कूलों के विलय का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने आदेश को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाएं खारिज कीं

Tue, 08 Jul 2025 05:28 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 08 Jul 2025 05:28 AM IST
सार

परिषदीय स्कूलों के विलय मामले में राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने प्राथमिक स्कूलों के विलय आदेश को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाएं खारिज कर दी हैं।

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Big relief to state govt in matter of merger of schools in UP High Court dismissed both petitions
कोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से स्कूलों के विलय मामले में राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने प्राथमिक स्कूलों के विलय के आदेश को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाओं को सोमवार को खारिज कर दिया।
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न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने सीतापुर के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले 51 बच्चों समेत एक अन्य याचिका पर यह फैसला सुनाया। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बीती 16 जून को जारी उस आदेश को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया था, जिसके तहत प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की संख्या के आधार पर उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में विलय करने का प्रावधान किया गया है।
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बच्चों के मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा के अधिकार का उलंघन करने वाला आदेश

याचियों ने इसे मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाला कहा था। साथ ही मर्जर से छोटे बच्चों के स्कूल दूर हो जाने की परेशानियों का मुद्दा भी उठाया था। याचियों की ओर से खासतौर पर दलील दी गई थी कि स्कूलों को विलय करने का सरकार का आदेश, 6 से 14 साल के बच्चों के मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा के अधिकार का उलंघन करने वाला है।
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उधर, राज्य सरकार की ओर से याचिकाओं के विरोध में प्रमुख दलील दी गई कि विलय की कार्रवाई, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए बच्चों के हित में की जा रही है। सरकार ने ऐसे 18 प्राथमिक स्कूलों का हवाला दिया था, जिनमें एक भी विद्यार्थी नहीं है। 

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिहाज से लिया गया निर्णय

कहा कि ऐसे स्कूलों का पास के स्कूलों में विलय करके शिक्षकों और अन्य सुविधाओं का बेहतर उपयोग किया जाएगा। सरकार ने पूरी तरह शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिहाज से ऐसे स्कूलों के विलय का निर्णय लिया। कोर्ट ने बीते शुक्रवार को सुनवाई के बाद में फैसला सुरक्षित कर लिया था। इसे सोमवार की दोपहर में सुनाया।

आज प्रदेश भर में बीएसए कार्यालय पर धरना

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ विद्यालयों के विलय के विरोध में प्रदेश भर में सभी बीएसए कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेगा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन के बाद 10 सूत्रीय मांग पत्र भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 150 से कम छात्र वाले प्राथमिक विद्यालय व 100 से संख्या वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों को प्रधानाध्यापक विहीन करते हुए काफी प्रधानाध्यापकों को सरप्लस घोषित कर दिया है। वहीं शिक्षकों की   लंबित समस्याओं का समाधान भी नहीं किया जा रहा है। संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष आरपी मिश्रा ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों का विलय गलत है। माध्यमिक के शिक्षक भी धरने में शामिल होंगे।

 

आप लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएगी : संजय सिंह

आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को कहा है कि मैं हाईकोर्ट के फैसले से हैरान हूं। संजय सिंह ने बयान जारी कर व एक्स पर लिखा कि क्या यही है ‘शिक्षा का अधिकार’? उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले पर चुप नहीं बैठेगी। वह इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएगी। बता दें कि स्कूलों के विलय के विरोध में आप जिलों में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रही है।

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