बड़ा फर्जीवाड़ा, फर्जी दस्तावेज पर 150 जवान भर्ती
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यूपी सरकार भले ही पिछले एक महीने करीब 300 आईएएस, पीसीएस और आईपीएस अफसरों के तबादले कर चुकी हो, पर भ्रष्टाचार की पोल खुलती ही जा रही है।
अब शासनादेश को ताक पर रखकर यूपी में 150 पीआरडी जवानों की भर्ती करने का मामला सामने आया है। रायबरेली के जिला युवा कल्याण अधिकारी ने फर्जी दस्तावेज तैयार करके पीआरडी के डेढ़ सौ जवान बना डाले।
शासन स्तर हुई जांच में जालसाजी करके दूसरे जिले के लोगों को पीआरडी जवान बनाकर प्रशिक्षण दिलाने का राज खुला है।
इनमें कई लोगों को परिवहन निगम में संविदा पर परिचालक की नौकरी भी दिला दी गई है। घपला उजागर होने पर जिला युवा कल्याण अधिकारी नागेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
बड़े पैमाने पर हुआ घपला
युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग में पिछले तीन वर्षों में बडे़ पैमाने पर घपला किया गया है। अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज के सहारे गैर जिले के लोगों को पीआरडी जवान बनाकर लाखों का वारान्यारा कर डाला।
मामला सामने आने पर विभाग के सचिव व नियुक्ति अधिकारी भुवनेश कुमार ने जांच सहायक निदेशक राजीव द्विवेदी को सौंपी थी।
जांच में पाया गया कि अधिकारी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर गैर जिलों के लोगों को प्रशिक्षण दिलवा दिया। करीब 150 लोगों को लाभ दिलाया गया है।
इसमें कई लोगों को परिवहन निगम में संविदा पर परिचालक भी बनवा दिया गया। अधिकारी के खिलाफ अन्य जांच कराने के भी आदेश दिए गए हैं।
राजाराम को दिलाया चार्ज
जिला युवा कल्याण अधिकारी नागेंद्र कुमार के निलंबित होने के बाद शनिवार को डीएम महेंद्र कुमार के आदेश पर क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी राजाराम को चार्ज दिलाया गया है।
हालांकि निलंबित अधिकारी ने सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं। डीएम ने तत्काल पूरा चार्ज देने का आदेश दिया है।
मनमानी व भ्रष्ट कार्यशैली पर एक साल पहले भी जिला युवा कल्याण अधिकारी नागेंद्र कुमार निलंबित कर दिए गए थे, लेकिन शासन स्तर पर दबाव बनवाकर किसी तरह बहाली करा ली थी। बहाली के बाद से उन्होंने और गड़बड़ करना शुरू कर दिया था।