अमर उजाला की अनूठी पहल: आओ चलो खेलें तिगड़ी, सिगड़ी और गुट्टक
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कुछ देर के लिए चलिए मोबाइल व इंटरनेट गेम से दूरी बनाएं और याद करते हैं उन दिनों को जब बच्चों में लोकप्रिय थे तिगड़ी, सिगड़ी, गुट्टक, रस्साकसी, घोड़ा जमाल खाय, सतोलिया और रस्सी कूद जैसे खेल।
अपने सामाजिक सरोकारों की कड़ी में अमर उजाला ने विलुप्त हो चुके इन खेलों की परंपरा को पुनर्जीवित करने का अनूठा अभियान वर्ष 2019 में शुरू किया था। बालिकाओं की इस प्रतिस्पर्धा का आयोजन 14 फरवरी को रिवर फ्रंट के मिनी स्टेडियम में सुबह नौ बजे से होगा।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के सहयोग और यूपी नॉन ओलंपिक एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित प्रतियोगिता के जरिए नई और पुरानी पीढ़ी को साथ लाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही अमर उजाला का प्रयास है लोगों को यह बताना कि ये बेटियां ही हैं, जो परंपराओं को संभाल कर रखती हैं। जिस तरह जरूरी है परंपरा को सहेजना उसी तरह से बेटियों का सुरक्षित भविष्य समाज की जिम्मेदारी है। यह स्पर्धा पूरी तरह से नॉक आउट आधार पर खेली जाएगी।
इन स्कूलों की छात्राएं कर रहीं हैं प्रतिभाग
पायनियर मॉन्टेसरी की एल्डिको, राजाजीपुरम, राजेन्द्रनगर और गीतापल्ली शाखाएं, स्टडी हॉल स्कूल के ज्ञानसेतु फाउंडेशन, श्री शिवचंद्र पब्लिक इंटर कॉलेज, डीपीएस जानकीपुरम, अमाइकस एकेडमी, वरदान इंटरनेशनल एकेडमी, श्री अयोध्या सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज, सेंट्रल एकेडमी जानकीपुरम, विश्वनाथ एकेडमी, एलन हाउस, ब्राइटवे-डालीगंज, यूनिटी कॉलेज-हुसैनाबाद, माउंटफोर्ट इंटर कॉलेज, सेंट एंथोनी पब्लिक स्कूल, टीडी गर्ल्स इंटर कॉलेज, नई रोशनी स्कूल, ब्राइट ब्रेन्स पब्लिक कॉलिजिएट, न्यू पब्लिक कॉलेज सरोजनीनगर, बाल निकुंज स्कूल एंड कॉलेजेस।