नहीं बनेंगे सपाई, बेनी बाबू ने दी सफाई
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बेनी के सपा में जाने की अफवाह इस कदर फैली हुई है कि उनके करीबी कार्यकर्ता भी परेशान हैं। गोंडा व बाराबंकी के कई कार्यकर्ता सोमवार को बेनी से मिलकर क्षेत्र में चल रही चर्चाओं का जिक्र किया।
इस पर बेनी पहले तो मुस्कुराए फिर कार्यकर्ताओं से बोले-जो कोई अफवाह उड़ा रहा है उसको पकड़ कर मारो। यह सब मुझे बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि सपा भी ऐसी अफवाहें उड़ा सकती है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि चूंकि सपा को यह पता है कि बेनी प्रसाद वर्मा ही वह शख्स हैं जो पार्टी की सारी जन्म कुंडली जानते हैं।
अगर वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बन जाएंगे तो सपा के लिए खासी दिक्कत पैदा कर सकते हैं।
जिंदगी भर कांग्रेसी रहूंगा
भारतीय जनता पार्टी की जीत पर बेनी ने कहा कि भाजपा भले ही सत्ता में आ गई हो लेकिन आज भी राष्ट्रीय पार्टी केवल कांग्रेस ही है। हार-जीत तो लगी ही रहती है। सभी बड़े नेता कभी न कभी हारे हैं। उन्होंने जिंदगी भर कांग्रेस में रहने की बात दोहराई।
बेनी ने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह बात सही है कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के साथ मेरा चोली-दामन का साथ रहा है, लेकिन सपा की 2003 से 2007 की सरकार में कई ऐसे क्रियाकलाप हुए जो मुझे पसंद नहीं आए।
पार्टी में ऐसे लोगों को खड़ा किया गया जो मेरी मुखालफत करें। बहराइच में मेरे एक करीबी कार्यकर्ता की हत्या करवा दी गई। इसके बाद ही सपा से अलग होने का निर्णय लिया।
अपने बेटे राकेश को भी सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा दिलवाया। उन्होंने कहा कि अब फिर उसी सपा में राज्यसभा या मंत्री पद के लालच में वे कभी नहीं जाएंगे।
किया सोनिया का गुणगान
बेनी ने खुद भी समाजवादी पार्टी में शामिल होने को लेकर राजनीतिक हलकों में चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि यह पूरी तरह बेबुनियाद है। सत्ता के लिए दल बदलना मेरी फितरत नहीं है। कांग्रेस ने मुझे जो इज्जत दी है मैं उसे कभी नहीं भूल सकता।
बेनी ने कहा कि मुझे कांग्रेस में खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी लेकर आई थीं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी का सदस्य भी बनाया।
सोनिया गांधी हों या फिर राहुल, दोनों ने हमेशा मेरा सम्मान किया है। ऐसे में पार्टी छोड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। मैं कांग्रेस से पूरी तरह संतुष्ट हूं।
बन सकते हैं प्रदेश अध्यक्ष
कई बार यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की खुले तौर पर प्रशंसा करने वाले पूर्व केंद्रीय इस्पात मंत्री आखिर क्यों कांग्रेस नहीं छोड़ना चाहते? इसकी एक वजह यह भी है।
गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी भंग करने के बाद अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री को बदलने की चर्चाएं जोरों पर हैं।
नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बेनी प्रसाद वर्मा का नाम भी जोरों पर चल रहा है। ऐसे में संभावनाओं को देखते हुए बेनी कांग्रेस में ही रहना चाहते हैं।
हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि इसी वजह से ही कांग्रेस खेमे के उनके विरोधी सक्रिय हो गए हैं उनके सपा में शामिल होने की अफवाह उड़ा रहे हैं।