फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Beat the corona giving children in the shortest time

सबसे कम समय में बच्चे दे रहे कोरोना को मात

Sat, 23 May 2020 11:01 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी चंद्रभान यादव/माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
चंद्रभान यादव/माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Sat, 23 May 2020 11:01 AM IST
सार

  • अब तक मिले सामने आए आठ केस, 10 दिन में ठीक हो गए बच्चे, किसी में नहीं मिले वायरस के लक्षण
  • चिकित्सा विशेषज्ञ नए सिरे से अध्ययन की तैयारी में, जुटाए जा रहे राजधानी में ठीक होने वाले बच्चों के रिकॉर्ड 

विज्ञापन
Beat the corona giving children in the shortest time
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सवार होने के लिए परिवार के साथ कतार में खड़ी बच्ची। - फोटो : PTI

विस्तार

कोरोना के खौफ के बीच एक राहत भरी खबर आई है कि संक्रमित होने वाले दस वर्ष से कम बच्चों के ठीक होने की दर सबसे अच्छी है। साथ ही इनमें वायरस का कोई लक्षण भी नहीं मिला। अभी तक राजधानी में कोरोना संक्रमित बच्चों के आठ केस सामने आए हैं। इनमें से ज्यादातर दस दिन में ठीक होकर घर चले गए। उत्साहित चिकित्सा विशेषज्ञ इस पर नए सिरे से अध्ययन की तैयारी में हैं। राजधानी में ठीक होने वाले बच्चों के रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं।
विज्ञापन


लखनऊ में पहली मरीज के रूप में भर्ती हुई कनाडा से लौटी डॉक्टर का ढाई साल का बेटा पॉजिटिव मिला था। पांच अप्रैल को केजीएमयू में भर्ती कराया गया  मासूम 11 को डिस्चार्ज हो गया। इसी तरह 16 अप्रैल को सदर इलाके के आठ साल के बच्चे को मां के साथ राम सागर मिश्रा अस्पताल भेजा गया, जो 8 दिन में ठीक हो गया। 
विज्ञापन


इसके बाद तीन मई को नई बस्ती की बच्ची पॉजिटिव मिली, जिसकी छह दिन बाद रिपोर्ट निगेटिव आ गई। इसी तरह मछली मोहाल में पॉजिटिव मिली नौ साल की बालिका की भी दसवें दिन रिपोर्ट निगेटिव आई थी। राजधानी में अब तक आठ बच्चे पॉजिटिव मिले हैं, जिनकी उम्र 10 साल से कम थी। सदर निवासी एक बच्चे को छोड़कर सभी औसत आठ दिन में ठीक हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

महिलाओं के ठीक होने की दर 92 फीसदी 
राजधानी में महिलाओं पर कोरोना का असर पुरुषों की अपेक्षा आधे से भी कम है। राजधानी में विभिन्न प्रदेशों के जमातियों समेत अब तक कुल करीब 335 पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इसमें महिलाओं की संख्या 101 है। यह करीब 30.14 फीसदी है। खास बात यह है कि महिला मरीजों की संख्या शुरुआती दौर में बेहद कम थी। 

20 अप्रैल तक यह 50 थी। एक मई को यह संख्या 57 हुई और कैसरबाग सब्जी मंडी के आसपास जब मरीजों की संख्या बढ़ी तो महिलाओं की संख्या में भी इजाफा होने लगा। 15 मई तक यह 78 हो गई। 15 से 21 मई के बीच 13 महिलाएं पॉजिटिव मिलीं। इनके ठीक होने की दर 92 फीसदी है। इसमें ज्यादातर 14 दिन में ही ठीक हो गईं। 

राजधानी में पहली पॉजिटिव मरीज पाई गई कनाडा से लौटने वाली डॉक्टर 10 दिन में और बॉलीवुड गायिका कनिका कपूर 14 दिन में डिस्चार्ज हुई थीं। ठीक होने में सबसे ज्यादा समय करीब 26 दिन खुर्रमनगर निवासी युवती को लगा था। इस परिवार के तीन लोग पॉजिटिव आए थे।
 

मजबूत इम्यूनिटी से भी नहीं दिख रहे कोरोना के लक्षण
बच्चों पर वायरस का असर न होने के पीछे कई देशों में अध्ययन चल रहा है। इसमें यह खास बात सामने आई है कि बच्चों में रेस्पिरेटरी इंफेक्शन लगातार होता रहता है। इससे उनकी टी सेल इम्युनिटी सक्रिय रहती है। साथ ही बीसीजी का टीका 10 से 12 साल की उम्र तक प्रतिरोधकता को बनाए रखता है। कुछ दिन पहले चीन से आए रेंडम सर्वे में कहा गया कि 10 साल से कम उम्र वाले बच्चों में बड़ों की अपेक्षा खतरा बहुत कम पाया गया। उनकी मृत्यु दर 0.01 फीसदी पाई गई है। माना जा रहा है कि मजबूत इम्युनिटी से भी कोरोना के लक्षण बच्चों में नहीं दिख रहे हैं। यह सकारात्मक संदेश है।  
- डॉ. केके यादव, बाल रोग विभाग, लोहिया संस्थान   

बच्चों के ठीक होने की दर पूरी दुनिया में अन्य की अपेक्षा बेहतर है। टीक और स्तनपान से होने वाली इम्युनिटी, ज्यादातर बच्चों का मिट्टी और पानी से सीधे संपर्क में रहना सहित तमाम कारण नेचुरल वैक्सीनेशन की श्रेणी में आते हैं। इनसे जहां बच्चों में ठीक होने की दर अच्छी रही, वहीं उनमें लक्षण भी स्पष्ट रूप से नहीं दिखाई पड़े। इस पर विस्तृत अध्ययन की जरूरत है। यहां के बच्चों का डाटा जुटा कर अध्ययन किया जाएगा। देखा जाएगा कि भर्ती के दौरान बच्चे के मेडिकल पैरामीटर्स कैसे थे और उनमें किस तरह से समय के साथ बदलाव आया। इससे पता चलेगा कि किस बच्चे में वायरस का असर कितना था और ठीक होने में कम वक्त लगने की मूल वजह क्या थी। 
- डॉ. डी. हिमांशु, प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण यूनिट, केजीएमयू   
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed