चुनावी रंजिश में बीडीसी सदस्य को पीटकर मार डाला
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ग्राम प्रधान के चुनाव की रंजिश को लेकर लोनीकटरा क्षेत्र में हुए हमले में एक बीडीसी सदस्य की जान चली गई। मतदान के अगले दिन रविवार रात विरोधियों ने गांव के पास बीडीसी सदस्य को लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला।
बचाने दौड़ी उसकी पत्नी, भाई समेत पांच अन्य ग्रामीणों को भी जमकर मारा पीटा। पूर्व प्रधान की सूचना के काफी देर बाद पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने दस लोगों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के साथ चार लोगों को हिरासत में लिया है।
तृतीय चरण के मतदान के बाद भी चुनावी हिंसा जारी है। रविवार रात लोनीकटरा क्षेत्र के भितरी गांव में चुनावी रंजिश को लेकर हुए हमले में बीडीसी सदस्य रामसुरेश (38) पुत्र शत्रोहन की मौत हो गई। उसके भाई हंसराम ने पुलिस को बताया रविवार रात राम सुरेश घर से थोड़ी दूर मनीपुर मोड़ स्थित रतीपाल की दुकान पर सामान खरीदने गया था।
गांव के रामदेव, चेतराम, मुकेश, श्रीपाल, देवकली, परशुराम, महराजदीन, देशराज, अशोक, दूबेराम आदि ने लाठी-डंडों से रामसुरेश पर हमला कर दिया। रामसुरेश की गुहार पर उसकी पत्नी सावित्री, भाई हंसराम, जग्गू, राममिलन, अनवर अहमद, राजकुमार व लल्लन बचाने पहुंचे तो हमलाकरों ने उन्हें लाठियों से पीटा।
पहले भी की थी मारपीट की शिकायत
गांव के पूर्व प्रधान की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। रामसुरेश की हालत गंभीर होने के कारण उसे ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया जहां सोमवार तड़के उसकी मौत हो गई।
घटना में मृतक की पत्नी सावित्री, अनवर अहमद, राजकुमार व लल्लन को गंभीर अवस्था में जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। हंसराम, जग्गू व राममिलन सीएचसी त्रिवेदीगंज में भर्ती हैं।
प्रधानी के चुनाव की रंजिश बनी कारण
ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम प्रधान पद की प्रत्याशी शिव कुमारी का बीडीसी सदस्य रामसुरेश, पूर्व प्रधान निहाल आदि ने समर्थन व प्रचार किया था। दूसरे पक्ष ने सताना पत्नी सत्यनारायण का समर्थन किया था।
मतदान के पहले भी दोनों पक्षों में मारपीट की शिकायत थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाई नहीं की। पूर्व प्रधान ने ही घटना की सूचना थाना पुलिस को फोन पर दी थी जिसके बाद पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
भितरी गांव में पंचायत चुनाव की रंजिश को लेकर हुई घटनाओं में कार्रवाई नहीं करने को लेकर पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है।
रविवार रात हुई घटना में मारे गए बीडीसी सदस्य के भाई हंसराम के मुताबिक मतदान के पहले भी दूसरे पक्ष के चेतराम आदि ने मारापीटा था जिसकी शिकायत के बाद भी पुलिस ने कोई कार्यवाई नहीं की। मतदान के दिन भी दोनों पक्षों में विवाद व एक दूसरे को धमकी देने की शिकायतों पर पुलिस खामोश बनी रही।
मामले पर लोनीकटरा के थानाध्यक्ष अरुण कुमार द्विवेदी का कहना है कि चुनावी रंजिश में मारपीट हुई जिसमें दोनो पक्ष से कई लोग घायल है। सूचना पर पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए भेजा गया था जिसमें बीडीसी मेंबर की मौत होने पर इनके चचेरे भाई की तहरीर पर पुलिस गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं मे दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।