जेल में नए मुल्जिमों की 14 दिन तक रोजाना बदली जाएगी बैरक, आने वाले हर व्यक्ति की होगी स्क्रीनिंग
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कोरोना के संक्रमण से कैदियों को बचाने के लिए जेल प्रशासन ने खाका तैयार कर लिया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय के मुताबिक, नए मुल्जिमों को चौदह दिनों तक हर दिन उनकी बैरक बदली जायेगी। ताकि नए मुल्जिम को पुराने के संपर्क आने से रोका जा सके।
मालूम हो कि तीन हजार कैदियों को सोशल डिस्टेंसिंग पर रखा गया है। जेल अस्पताल में 16 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। मास्टर प्लान के तहत जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को हाइटेक करते हुए सर्किल नंबर पांच को उच्च सुरक्षा जोन बनाया है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल में प्रवेश करने वाले कैदियों को सोशल डिस्टेंसिंग पर बैरक एक में रखने की व्यवस्था की गई है। दूसरे दिन बैरक नंबर दो फिर अगले दिन तीन में भेज दिया जाएगा। ऐसे ही चौदह दिन तक बैरकें बदलती रहेंगी।
चौदह दिन बाद इन कैदियों को अलग हाते की खाली बैरक में दूसरी शिफ्ट के तहत अगले चौदह दिनों के लिए रखा जाएगा। 28 दिनो क्वारंटीन करने के बाद उन्हें अल्फाबेट के अनुसार सर्किलों में भेज दिया जाएगा। दो शिफ्टों के क्वारंटीन के दौरान कैदियों की निगरानी के लिए जेल लगाई गई है।
बैरकों में इलाज की व्यवस्था
जेल प्रशासन ने बैरक में ही स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर दवा दिलाने तक की व्यवस्था की है। इसकी जिम्मेदारी संजय सिंह को दी गई है। गेट पर जेलकर्मी द्वारा स्क्रीनिंग व साबुन से हाथ धुलाने के बाद ही प्रवेश मिलेगा। जेल में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जाएगी।