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यहां आते ही खुल जाती है, मोदी की 'किस्मत'

Mon, 26 May 2014 07:25 PM IST
प्रभंजन शुक्ला/अमर उजाला, लखनऊ
प्रभंजन शुक्ला/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 26 May 2014 07:25 PM IST
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bahraich is lucky for narendra modi

यहां की धरती मोदी के लिए हमेशा ही 'लकी' साबित हुई है। यहां आने पर ही उन्हें 2001 में गुजरात सीएम की कुर्सी मिली थी तो यहां रैली के बाद अब वह पीएम बनने वाले हैं।

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नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2001 में बहराइच की यात्रा की थी। यहां पर जब वह संगठन को मजबूत करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे।

तब ही गुजरात के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के लिए उन्हें बुलावा भेजा गया था। बहराइच में बैठक बीच में छोड़कर मोदी दिल्ली रवाना हो गए थे।

13 वर्ष बाद नरेंद्र मोदी आठ नवंबर 2013 को पुन: बहराइच में जनसभा को संबोधित करने आए। अवध क्षेत्र में उन्होंने पहली जनसभा बहराइच में संबोधित की। छह माह बाद अब वह प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने जा रहे हैं। ऐसे में बहराइच की सरजमीं को मोदी के लिए लकी माना जा रहा है।
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भाजपा के लिए रहे हैं शुभ

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गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी आज देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि मोदी के बहराइच की जमीन पर पड़े कदम उनके और भाजपा के हित में हमेशा शुभ संकेतों की ओर इशारा करते रहे हैं।

बहराइच से अपने जुड़ाव को लेकर मोदी ने आठ नवंबर 2013 को बहराइच के सोहरवा में हुई रैली में दो मिनट तक भाषण भी दिया था।

बात वर्ष 2001 की है। नरेंद्र मोदी उस समय भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय संगठन मंत्री का दायित्व संभाल रहे थे। वर्ष 2002 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए वह संगठनात्मक समीक्षा बैठक करने सितंबर वर्ष 2001 में बहराइच आए थे।

बैठक छोड़ दिल्ली रवाना हुए मोदी

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यहां जेल रोड स्थित केडिया हॉस्पिटल के निकट एक पैलेस में मोदी संगठन की समीक्षा बैठक कर रहे थे। तभी उनको दिल्ली से बुलावा आ गया। वह बैठक बीच में ही छोड़ दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

यहां से वापस होने के बाद केशू भाई पटेल की जगह उनको गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया। 13 साल बाद मोदी भाजपा में बड़े चेहरे के रूप में उभरकर सामने आए लेकिन उनके जेहन में बहराइच की याद रची बसी रही।

यही कारण रहा कि उत्तर प्रदेश में विजय शंखनाद रैली के लिए बहराइच को अवध के 13 जिलों में पहली रैली के लिए चयनित किया गया था।

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बहराइच की जनता को मोदी से उम्मीदें

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रैली के छह माह बाद हुए लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत मिलने पर अब वह देश के प्रधानमंत्री पद की कुर्सी संभालने जा रहे हैं। ऐसे में बहराइच की जनता को भी मोदी से काफी उम्मीदें हैं।

8 नवंबर 2013 को बहराइच की रैली में मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि बहुत कम लोग जानते हैं कि मेरा बहराइच से बहुत पुराना लगाव रहा है। मैं बीजेपी में राष्ट्रीय संगठन मंत्री का काम देख रहा था।

बहराइच में समीक्षा बैठक करने आया था। बैठक के बीच में ही मुझे दिल्ली वापस बुला लिया गया। बिना कुछ कहे सिर्फ इतना बताया कि अब आप संगठन का काम नहीं देखेंगे।

बैठक छोड़ आप सीधे दिल्ली आ जाइए। इसके बाद अचानक मुझे गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया।

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