Bahraich News: उपद्रवियों को जो मिला तोड़ दिया, जला दिया, कई जगह बेबस खड़ी देखती रही पुलिस
UP Bahraich News: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा ने सोमवार की सुबह विकराल रूप धारण कर लिया। भीड़ का आक्रोश ऐसा था कि कई जगह पुलिस बेबस बनी बस उन्हें देखते रह गई।
विस्तार
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान रविवार शाम हुई हिंसा और रामगोपाल मिश्रा की हत्या के बाद सोमवार को बहराइच हिंसा की आग में जल उठा। आक्रोशित हजारों की भीड़ शव लेकर महसी तहसील पहुंची और महराजगंज जाने वाली सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीड़ का एक हिस्सा लाठी-डंडे लेकर कस्बे में घुस गया। बाइक के दो शोरूम, एक अस्पताल को आग के हवाले कर दिया। दूसरे समुदाय के गांव में जाकर दो घरों में भी आग लगा दी और पथराव किया। डीएम, एसपी समेत आसपास के जिलों की फोर्स पहुंची। पीएसी के जवान भी पहुंचे। लेकिन दोपहर तक हालात काबू नहीं कर पाए। इसके बाद एडीजी एलओ व एसटीएफ चीफ अमिताभ यश ने मोर्चा संभाला। आंसू गैस के गोले दागे, लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। हिंसा और आगजनी के पीछे पुलिस की बड़ी नाकामी उजागर हुई है।
यह हुई थी घटना
महराजगंज कस्बे में रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान गाना बजाने को लेकर दूसरे समुदाय ने आपत्ति जताई थी। इसी को लेकर विवाद शुरू हुआ था। कुछ ही देर में झड़प शुरू हो गई। विसर्जन में शामिल 24 वर्षीय रामगोपाल मिश्रा को दूसरे समुदाय के लोग घर में खींच ले गए। बर्बरता के बाद उन्हें गोली मार दी थी। बचाने में राजन समेत 12 से अधिक लोग घायल हो गए थे, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी। पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई। सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे पोस्टमार्टम के बाद रामगोपाल का शव घर पहुंचाया गया। अंतिम यात्रा में 5-6 हजार लोग शामिल हुए। भीड़ आक्रोश से भरी थी। लाठी-डंडों से लैसे भीड़ शव लेकर सीधे महसी तहसील पहुंची, जहां सड़क जामकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यहां से भीड़ दो हिस्सों में बंट गई। करीब दो हजार लोग कस्बे और कबड़ियनपुरवा में घुस गए, जहां तोड़फोड और आगजनी की।
काबू नहीं कर सकी पुलिस
रविवार को हुई हिंसा के बाद ही इलाके में तनाव था। डीएम और एसपी समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी देर रात मौके पर पहुंचे थे। रामगोपाल के घर भी भारी फोर्स की तैनाती कर दी गई। लेकिन सोमवार को जब भीड़ लाठी-डंडों से लैस होकर आगे बढ़ी तो पुलिस उनको काबू नहीं कर सकी। भीड़ बवाल और आगजनी करती रही और पुलिसकर्मी इधर उधर भागते रहे। कुछ घंटे तक हालात बेकाबू रहे। पूरा इलाका आक्रोशित भीड़ ने अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस की और कंपनियां जब पहुंचीं, उच्चाधिकारी आए तब कुछ बवाल शांत हो सका। हालांकि इसके बाद भी पूरे जिले में छिटपुट हिंसा जारी रही।
अमिताभ यश ने संभाला मोर्चा, पिस्टल ने उपद्रवियों को दौड़ाया
मामला बिगड़ा देख एडीजी लॉ एंड ऑर्डर व एसटीएफ एडीजी अमिताभ यश भी सोमवार दोपहर में बहराइच पहुंचे। उपद्रवियों का बवाल देखकर वह खुद हाथ में पिस्टल लेकर सड़क पर उतरे। उन्हें अकेले ही दौड़ा लिया। हालांकि इसके पहले उपद्रवियों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ की। इस बीच जब सीधी पिस्टल तानकर अमिताभ दौड़े और एक राउंड फायरिंग की तब उपद्रवी पीछे हटे।
जहां जो मिला उसे फूंक दिया
भीड़ से पुलिस का नियंत्रण खत्म हो चुका था। इसलिए दूसरे समुदाय का जो भी कुछ मिला उसको तोड़ दिया या फिर आग के हवाले कर दिया। भीड़ बदले की आग में उत्पात मचाती रही। पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर उनको खदेड़ रही थी। लेकिन लोग तितर-बितर होने के बाबद फिर जुट जा रहे थे। महराजगंज में टीवीएस और हीरो के शोरूम को भी जला दिया।
एसपी ग्रामीण को फटकारा
एसपी ग्रामीण पवित्र मोहन त्रिपाठी भी मौके पर मौजूद रहे। एडीजी एलओ अमिताभ यश ने जब उनको देखा तो पता चला कि एसपी बिना असलहे के हैं। इस पर एडीजी ने उनको जमकर फटकारा और कहा कि इतनी बड़ी वारदात के दौरान इस तरह का रवैया है।
दंगा भड़काने में 30 से अधिक उपद्रवी हिरासत में
मामले में अब्दुल हमीद, रिंकू उर्फ सरफराज, फहीम, राजा उर्फ साहिर खान, ननकऊ, मारुफ अली व अन्य अज्ञात पर हत्या समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस कप्तान का कहना है कि 30 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं। वीडियो फुटेज से उपद्रवियों की पहचान कर उनकी धरपकड़ के प्रयास जारी हैं।
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