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Lucknow News: कॉम्बो लेजर मशीन युक्त देश का पहला रेलवे अस्पताल बना बादशाहनगर मंडलीय चिकित्सालय
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कॉम्बो लेजर मशीन युक्त देश का पहला रेलवे अस्पताल बना बादशाहनगर मंडलीय चिकित्सालय।
लखनऊ। बादशाहनगर रेलवे अस्पताल में उन्नत नेत्र चिकित्सा के लिए कॉम्बो लेजर मशीन का उद्घाटन शुक्रवार को किया गया। इस उपलब्धि के साथ बादशाहनगर देश का पहला रेलवे अस्पताल बन गया है, जहां रेलकर्मियों की आंखों का इलाज इस अत्याधुनिक तकनीक से किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड नई दिल्ली से लखनऊ पहुंचे महानिदेशक डॉ. जगदीश चंद्रा ने इस महत्वपूर्ण सेवा का शुभारंभ किया। जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता के अनुसार, महानिदेशक ने मंडलीय चिकित्सालय बादशाहनगर का निरीक्षण भी किया। भारतीय रेल में यह पहली बार है कि पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल को ऐसी अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा मशीन प्राप्त हुई है। इस कॉम्बो लेजर मशीन में दो प्रकार के लेजर की सुविधा है, जो कैप्सुलोटोमी, इरिडेक्टॉमी और सेलेक्टिव लेजर ट्रैबेकुलोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाओं को संभव बनाती है। इस अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. एए खान, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. बीएन चौधरी, डॉ. अनामिका सिंह, डॉ. वीके पाठक, डॉ. विनीता गुप्ता, डॉ. अयाज अहमद, डॉ. प्रशांत सिंह और डॉ. निहारिका आदि मौजूद रहे।
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ग्लूकोमा और अन्य नेत्र रोगों का प्रभावी उपचार
यह मशीन याग लेजर कैप्सुलोटोमी करने में सक्षम है, जिससे ऑपरेशन के बाद बनने वाली झिल्ली को लेजर से हटाया जा सकता है। कंजेस्टिव ग्लूकोमा के मामलों में पेरिफेरल बटन होल इरिडेक्टॉमी के माध्यम से त्वरित उपचार संभव है। इसके अतिरिक्त, लेजर ट्रैबेकुलोप्लास्टी से उन ग्लूकोमा रोगियों का भी उपचार किया जा सकता है जिन्हें दवाओं से पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता।
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रेलवे बोर्ड नई दिल्ली से लखनऊ पहुंचे महानिदेशक डॉ. जगदीश चंद्रा ने इस महत्वपूर्ण सेवा का शुभारंभ किया। जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता के अनुसार, महानिदेशक ने मंडलीय चिकित्सालय बादशाहनगर का निरीक्षण भी किया। भारतीय रेल में यह पहली बार है कि पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल को ऐसी अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा मशीन प्राप्त हुई है। इस कॉम्बो लेजर मशीन में दो प्रकार के लेजर की सुविधा है, जो कैप्सुलोटोमी, इरिडेक्टॉमी और सेलेक्टिव लेजर ट्रैबेकुलोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाओं को संभव बनाती है। इस अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. एए खान, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. बीएन चौधरी, डॉ. अनामिका सिंह, डॉ. वीके पाठक, डॉ. विनीता गुप्ता, डॉ. अयाज अहमद, डॉ. प्रशांत सिंह और डॉ. निहारिका आदि मौजूद रहे।
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ग्लूकोमा और अन्य नेत्र रोगों का प्रभावी उपचार
यह मशीन याग लेजर कैप्सुलोटोमी करने में सक्षम है, जिससे ऑपरेशन के बाद बनने वाली झिल्ली को लेजर से हटाया जा सकता है। कंजेस्टिव ग्लूकोमा के मामलों में पेरिफेरल बटन होल इरिडेक्टॉमी के माध्यम से त्वरित उपचार संभव है। इसके अतिरिक्त, लेजर ट्रैबेकुलोप्लास्टी से उन ग्लूकोमा रोगियों का भी उपचार किया जा सकता है जिन्हें दवाओं से पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता।

कॉम्बो लेजर मशीन युक्त देश का पहला रेलवे अस्पताल बना बादशाहनगर मंडलीय चिकित्सालय।
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