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पहला बड़ा मंगल 16 मई को, इस बार इफ्तार के साथ भंडारे का अद्भुत संयोग
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Wed, 03 May 2017 03:28 PM IST
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लखनऊ में हनुमत भक्ति की बयार 16 मई मंगलवार से बहेगी। ज्येष्ठ मास का पहला बड़ा मंगल 16 मई को है। पहले बड़े मंगल को लेकर मंदिरों में तैयारियों ने जोर पकड़ा है। राजधानी के हनुमान मंदिरों में रंग रोगन, पुताई और साफ-सफाई का काम शुरू हो रहा है तो मंदिरों को सजाने से लेकर उनकी सुरक्षा-व्यवस्था, रखरखाव के लिए भक्त दिन रात जुटे हैं।
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16 मई को पहले बड़े मंगल पर राजधानी के हर हनुमान मंदिरों में भक्तों की कतारें उमड़ेंगी। उसके बाद 23 मई, 30 मई और 6 जून को राजधानी में बड़े मंगल पर पवनतनय की आराधना को लोग संकटमोचक के दर्शनों को उमड़ेंगे। 11 मई से ज्येष्ठ माह की शुुरुआत होने के बाद 16 मई को पहला बड़ा मंगल पड़ेगा। इस बार पूरे ज्येष्ठ मास में चार मंगलवार पड़ रहे हैं।
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पं. कृष्णकांत ने बताया कि बड़े मंगल पर मंदिरों में भगवान संकटमोचन के दर्शन कर उन्हें सिंदूर का चोला चढ़ाना चाहिए। प्रभु राम की आराधना श्रेयस्कर रहेगी। मंगल को तुलसीदास रचित हनुमान बाहु और हनुमान साधिका का पाठ करना, आराधना करनी चाहिए।
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ज्येष्ठ माह और रमजान माह का दुर्लभ संयोग
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- फोटो : amar ujala
इस बार अरसे बाद लोगों को ज्येष्ठ माह और पाक रमजान माह का दुर्लभ संयोग मिलेगा। दिन में जहां बड़े मंगल पर भंडारे चलेंगे तो वहीं उसी समय मई महीने के आखिरी दिनों में पाक रमजान माह भी शुरू होगा, जब मुस्लिम भाई रोजा रखेंगे।
बड़े मंगल के कुछेक मौके ऐसे भी आयेंगे जब दिन भर भंडारों के दौर केसाथ शाम इफ्तारी होगी। जानकारों के मुताबिक ऐसा संयोग दो दर्शकों के आसपास आता है।
एक बार फिर शहर की फिजा में गंगा-जमुनी संस्कृति के रंग बिखरने जा रहे हैं। अरसे बाद ज्येष्ठ माह और रमजान माह का दुर्लभ योग बना है।
एक ओर माह की 16 तारीख को शहर में बजरंग बली के जयकारों के बीच पहला बड़ा मंगल की रौनक बिखरेगी, वहीं माह के आखिरी दिनों में पाक रमजान माह की शुरुआत होगी। बड़े मंगल के कुछेक मौके ऐसे भी आएंगे जब दिन भर भंडारों के दौर चलेंगे तो शाम को इफ्तारी होगी।
बड़े मंगल के कुछेक मौके ऐसे भी आयेंगे जब दिन भर भंडारों के दौर केसाथ शाम इफ्तारी होगी। जानकारों के मुताबिक ऐसा संयोग दो दर्शकों के आसपास आता है।
एक बार फिर शहर की फिजा में गंगा-जमुनी संस्कृति के रंग बिखरने जा रहे हैं। अरसे बाद ज्येष्ठ माह और रमजान माह का दुर्लभ योग बना है।
एक ओर माह की 16 तारीख को शहर में बजरंग बली के जयकारों के बीच पहला बड़ा मंगल की रौनक बिखरेगी, वहीं माह के आखिरी दिनों में पाक रमजान माह की शुरुआत होगी। बड़े मंगल के कुछेक मौके ऐसे भी आएंगे जब दिन भर भंडारों के दौर चलेंगे तो शाम को इफ्तारी होगी।