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केजीएमयू के सर्जरी वार्ड का बुरा हाल, मरीज देखने आए डॉक्टर को ही हुई उल्टी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 24 Sep 2018 12:51 PM IST
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- फोटो : डेमो
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केजीएमयू के सर्जरी वार्ड तीन में मरीजों का इलाज करने आए एक रेजीडेंट डॉक्टर की तबीयत शौचालय की गंदगी के कारण खराब हो गई। शौचालय से आने वाली बदबू के कारण शनिवार शाम को उसे उल्टियां शुरू हो गईं।
उसके साथी उसे बाहर ले गए। आननफानन में रेजीडेंट को सीएमएस ऑफिस की तरफ ले जाया गया। सर्जरी का वार्ड तीन पीआरओ ऑफिस के पिछले हिस्से में है। इसी भवन में सीएमएस कार्यालय भी है। बताया जाता है कि वार्ड तीन का शौचालय चोक हो गया था।
इस वजह से सफाईकर्मियों ने उसे बंद कर दिया है। तीमारदारों और मरीजों को नीचे बने शौचालय में जाने को कहा गया है। यहां भर्ती तमाम मरीजों की स्थिति यह है कि वे नीचे नहीं जा पाते हैं। ऐसे में वे बाहर ही शौच और पेशाब करते हैं। सफाई सिर्फ सुबह होती है।
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ऐसे में शाम के वक्त बदबू उठती रहती है। वार्ड के अंतिम छोर के बेड पर भर्ती मरीजों का बुरा हाल है। मरीज व तीमारदार दोनों परेशान हैं। शनिवार को यहां मरीजों के उपचार में लगे एक रेजीडेंट की तबीयत बिगड़ गई। उसे उल्टियां होने लगीं।
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उसके साथी उसे बाहर ले गए। आननफानन में रेजीडेंट को सीएमएस ऑफिस की तरफ ले जाया गया। सर्जरी का वार्ड तीन पीआरओ ऑफिस के पिछले हिस्से में है। इसी भवन में सीएमएस कार्यालय भी है। बताया जाता है कि वार्ड तीन का शौचालय चोक हो गया था।
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इस वजह से सफाईकर्मियों ने उसे बंद कर दिया है। तीमारदारों और मरीजों को नीचे बने शौचालय में जाने को कहा गया है। यहां भर्ती तमाम मरीजों की स्थिति यह है कि वे नीचे नहीं जा पाते हैं। ऐसे में वे बाहर ही शौच और पेशाब करते हैं। सफाई सिर्फ सुबह होती है।
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ऐसे में शाम के वक्त बदबू उठती रहती है। वार्ड के अंतिम छोर के बेड पर भर्ती मरीजों का बुरा हाल है। मरीज व तीमारदार दोनों परेशान हैं। शनिवार को यहां मरीजों के उपचार में लगे एक रेजीडेंट की तबीयत बिगड़ गई। उसे उल्टियां होने लगीं।
मरीज हो रहे हैं परेशान
डर लगता है, बीमारी बढ़ न जाए
सप्ताह भर से मरीज लेकर भर्ती हैं। खुद नीचे बने सार्वजनिक शौचालय में जाते हैं। यहां पैसा देते हैं। वार्ड में रहना दूभर हो गया है। मरीज खुद यहां से भागने की जिद कर रहा है। यहां इलाज कराने आए हैं, लेकिन डर लग रहा है कहीं बीमारी बढ़ न जाए। - संजय कुमार, तीमारदार
पांच दिन हो गए। बदबू से परेशान हैं। शौचालय के पास बेड होने से यहां डॉक्टर भी आने से कतराते हैं। बीमारी फैलने का डर सता रहा है, लेकिन क्या करें। कई बार के निवेदन के बाद सुबह सफाई हुई थी, लेकिन शाम तक फिर वही स्थिति हो जाती है। ऑपरेशन वाले मरीज नीचे नहीं जा पाते हैं। वे यहीं बैठ जाते हैं। - शंकर लाल, तीमारदार
पता लगाएंगे, क्यों नहीं हो रही सफाई
शौचालय दुरुस्त कराने के लिए संबंधित विभाग को लिखा जा चुका है। किन परिस्थितियों में अभी तक शौचालय नहीं दुरुस्त हो पाया है, यह सोमवार को दिखवाया जाएगा।- डॉ संतोष कुमार,मीडिया प्रभारी
सप्ताह भर से मरीज लेकर भर्ती हैं। खुद नीचे बने सार्वजनिक शौचालय में जाते हैं। यहां पैसा देते हैं। वार्ड में रहना दूभर हो गया है। मरीज खुद यहां से भागने की जिद कर रहा है। यहां इलाज कराने आए हैं, लेकिन डर लग रहा है कहीं बीमारी बढ़ न जाए। - संजय कुमार, तीमारदार
पांच दिन हो गए। बदबू से परेशान हैं। शौचालय के पास बेड होने से यहां डॉक्टर भी आने से कतराते हैं। बीमारी फैलने का डर सता रहा है, लेकिन क्या करें। कई बार के निवेदन के बाद सुबह सफाई हुई थी, लेकिन शाम तक फिर वही स्थिति हो जाती है। ऑपरेशन वाले मरीज नीचे नहीं जा पाते हैं। वे यहीं बैठ जाते हैं। - शंकर लाल, तीमारदार
पता लगाएंगे, क्यों नहीं हो रही सफाई
शौचालय दुरुस्त कराने के लिए संबंधित विभाग को लिखा जा चुका है। किन परिस्थितियों में अभी तक शौचालय नहीं दुरुस्त हो पाया है, यह सोमवार को दिखवाया जाएगा।- डॉ संतोष कुमार,मीडिया प्रभारी