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Lucknow News: करीबियों को दूसरों की प्राॅपर्टी की जानकारी देते थे चकबंदी के बाबू
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लखनऊ। चकबंदी विभाग के बाबू राजकुमार सिंह की मौत के मामले में अभी तक पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। राजकुमार ने आत्महत्या क्यों की, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। राजकुमार के घरवालों ने भी पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है। इसकी वजह से मामला ठंडे बस्ते में है।
छानबीन में पता चला है कि राजकुमार जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों को प्रॉपर्टी की जानकारी देते थे। सूत्रों का कहना है कि आशियाना के औरंगाबाद खालसा में राजकुमार ने अपने करीबियों को करोड़ों की जमीन की डील कराई थी। करीबियों ने उस जमीन को एलडीए के अधिकारियों की मिलीभगत से हासिल भी कर लिया था। इसी बीच राजकुमार से उनके करीबियों ने दूरी बनानी शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि राजकुमार ने इस संबंध में कई लोगों से चर्चा भी की। हालांकि, एक बाहुबली का नाम सामने आने पर किसी ने उनकी मदद नहीं की। इस पूरे मामले में खुफिया एजेंसियों ने भी छानबीन की है। बताया जा रहा है कि मामले की जांच होती है तो इसमें एलडीए के कुछ अफसर और कर्मी के नाम भी उजागर होंगे।
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उत्तर प्रदेश चकबंदी निदेशालय मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष व चकबंदी मुख्यालय में तैनात बाबू आशियाना सेक्टर-जे निवासी राजकुमार सिंह (52) का शव बुधवार को शहीद पथ स्थित उनके प्लाॅट के कमरे में मिला था। उनके सिर में गोली लगी थी और दाएं हाथ में रिवॉल्वर मौजूद था। पुलिस को उनके पास से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने खुद को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था। पुलिस अब तक आत्महत्या का कारण पता नहीं कर सकी है।
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छानबीन में पता चला है कि राजकुमार जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों को प्रॉपर्टी की जानकारी देते थे। सूत्रों का कहना है कि आशियाना के औरंगाबाद खालसा में राजकुमार ने अपने करीबियों को करोड़ों की जमीन की डील कराई थी। करीबियों ने उस जमीन को एलडीए के अधिकारियों की मिलीभगत से हासिल भी कर लिया था। इसी बीच राजकुमार से उनके करीबियों ने दूरी बनानी शुरू कर दी।
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बताया जा रहा है कि राजकुमार ने इस संबंध में कई लोगों से चर्चा भी की। हालांकि, एक बाहुबली का नाम सामने आने पर किसी ने उनकी मदद नहीं की। इस पूरे मामले में खुफिया एजेंसियों ने भी छानबीन की है। बताया जा रहा है कि मामले की जांच होती है तो इसमें एलडीए के कुछ अफसर और कर्मी के नाम भी उजागर होंगे।
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उत्तर प्रदेश चकबंदी निदेशालय मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष व चकबंदी मुख्यालय में तैनात बाबू आशियाना सेक्टर-जे निवासी राजकुमार सिंह (52) का शव बुधवार को शहीद पथ स्थित उनके प्लाॅट के कमरे में मिला था। उनके सिर में गोली लगी थी और दाएं हाथ में रिवॉल्वर मौजूद था। पुलिस को उनके पास से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने खुद को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था। पुलिस अब तक आत्महत्या का कारण पता नहीं कर सकी है।