दो दिन की रिमांड पर भेजे गए बब्बर खालसा ग्रुप के दोनों आतंकी, ATS ने किया था गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी एटीएस ने 24 घंटे के अंदर बब्बर खालसा के एक और संदिग्ध आतंकी को बृहस्पतिवार को दबोच लिया। एटीएस ने सोहरामऊ से अमर सिंह किसान के फार्म हाउस से खूंखार आतंकी जसवंत सिंह उर्फ काला को गिरफ्तार किया है। पंजाब और राजस्थान पुलिस को लंबे समय से काला की तलाश थी। इससे पहले बुधवार को लखनऊ से संदिग्ध आतंकी बलवंत सिंह को गिरफ्तार किया गया था। जसवंत व बलवंत को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लखनऊ संध्या श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया गया। दोनों को पंजाब ले जाया जा रहा है।
आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि जसवंत वर्ष 2016 में राजस्थान के हनुमानगढ़ में डेरा प्रेमी गुरुदेव सिंह व उसी वर्ष पंजाब के फरीदकोट में डेरा प्रेमी लक्खा बाबा की हत्या में वांछित था। वह वर्ष 2008 में आर्म्स एक्ट एवं देश द्रोह के मामले में जेल जा चुका है।
बलवंत की निशानदेही पर पकड़ा गया आतंकी जसवंत
उन्नाव के सोहरामऊ से गिरफ्तार बब्बर खालसा ग्रुप के खूंखार आतंकी जसवंत सिंह उर्फ काला को एक दिन पहले लखनऊ से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी जसवंत सिंह की निशानदेही पर दबोचा गया। आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि पंजाब पुलिस ने बब्बर खालसा ग्रुप के दो संदिग्ध आतंकियों बलवंत सिंह और जसवंत सिंह के बारे में यूपी एटीएस को सूचना दी थी। बुधवार को पुराने लखनऊ के एक धार्मिक स्थल से बलवंत सिंह को गिरफ्तार किया गया था। बलवंत ने पहले तो जसवंत सिंह उर्फ काला के बारे में किसी जानकारी से इन्कार किया लेकिन कड़ाई से पूछताछ में उसने जसवंत का पता बता दिया। एटीएस की टीम उसे लेकर उन्नाव के सोहरामऊ गांव स्थित किसान अमर सिंह के भल्ला फार्म हाउस पहुंची और जसवंत को गिरफ्तार कर लिया। वह डेढ़ माह से वहां रह रहा था। पंजाब पुलिस को छह महीने से उसकी तलाश थी। पंजाब पुलिस दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब ले जाएगी।
हत्या समेत कई मुकदमे हैं दर्ज
असीम अरुण ने बताया कि पंजाब पुलिस ने जो दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं, उसके मुताबिक जसवंत राजस्थान के हनुमानगढ़ में 2016 में हुई हत्या के मामले में वांछित है। 2016 में ही पंजाब के फरीदकोट के बाजाखाना थाने में दर्ज हत्या के मुकदमे में भी पुलिस को उसकी तलाश थी। 2017 में पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर (नवा शहर) के मुकंदपुर थाने में भी समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में वह वांछित है। पूछताछ में जसवंत ने बताया कि वह पंजाब के मुख्तसर से आर्म्स एक्ट में 2005 में जेल जा चुका है। वहीं 2008 में दिल्ली की मोदी कॉलोनी से आर्म्स एक्ट एवं देशद्रोह के मामले में जेल जा चुका है। पंजाब पुलिस को इन दोनों से कुछ और खुलासे की उम्मीद है।
एटीएस खंगाल रही यूपी कनेक्शन
आईजी ने बताया कि एटीएस दोनों ही आतंकियों का यूपी कनेक्शन तलाश रही है। जानकारी मिली है कि बलवंत तीन साल पहले लखनऊ आया था और नादान महल रोड स्थित एक धार्मिक स्थल में रह रहा था। हालांकि यूपी की खुफिया एजेंसियों को इन दोनों ही आतंकियों के बारे में जानकारी नहीं थी। पंजाब पुलिस की ओर से आगाह किए जाने पर यूपी एटीएस ने कार्रवाई की।
पंजाब के डीजीपी देंगे यूपी एटीएस को कमेंडेशन डिस्क
आतंकी जसवंत की गिरफ्तारी पर पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा और डीजी इंटेलीजेंस दिनकर गुप्ता ने फोन पर यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण को बधाई दी है। पंजाब के डीजीपी ने एटीएस की टीम को कमेंडेशन डिस्क देने का भी फैसला किया है।
एटीएस टीम को पुरस्कार की घोषणा
आईजी असीम अरुण ने आतंकी जसवंत को गिरफ्तार करने वाली एटीएस टीम के मुखिया एएसपी राजेश साहनी, इंस्पेक्टर अविनाश चंद्र मिश्र, उप निरीक्षक हिमांशु निगम, अरविंद सिंह, कांस्टेबल अरविंद सिंह, जितेंद्र सिंह और बालेंद्र सिंह के साथ कमांडो दस्ते को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।