'यूपी में अकेले लड़ना कांग्रेस के लिए आत्महत्या करने जैसा'
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उत्तर प्रदेश और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने कहा कि कांग्रेस संगठन में गुंडे और गुलाम मानसिकता के नेता ही हावी हैं।
वे कभी राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने का बयान देते हैं तो कभी यूपी में विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का सुझाव देते हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह कांग्रेस के लिए आत्महत्या करने जैसा होगा।
राजधानी के वीवीआईपी गेस्ट हाउस में चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में संगठन को खड़ा करने के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन बूथ लेवल पर संगठन न होने के कारण यह मेहनत वोट में तब्दील नहीं हो पाती।
यहां ब्लॉक और जिला कमेटियां एकदम निष्क्रिय हैं। उन्होंने कहा कि कुछ चापलूस नेता सोनिया गांधी की जगह राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की बार-बार मांग कर रहे हैं, पर जब तक कांग्रेस सत्ता में वापस नहीं आ जाती, पार्टी की कमान सोनिया गांधी को ही संभालनी चाहिए।
'मायावती हों तैयार तो उन्हें भी करें शामिल'
कांग्रेस वर्ष 2017 में होने वाले चुनावों में गठबंधन में शामिल होकर ही बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। उसे सपा व रालोद के साथ गठबंधन करना चाहिए और अगर मायावती तैयार हो जाएं तो बसपा को भी इस गठबंधन में शामिल करने से परहेज नहीं करना चाहिए।
पूर्व राज्यपाल कुरैशी ने कहा कि बीजेपी जैसी फिरकापरस्त ताकतों को रोकने के लिए ऐसा करना बेहद जरूरी है। बिहार में महागठबंधन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की पहल पर बना। अगर वह इस गठबंधन में शामिल रहे होते तो देश में उनका कद कुछ और ही होता।
उन्होंने सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ मुलायम और दलितों के लिए मायावती के संघर्ष की तारीफ भी की। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री आजम खां के जौहर विश्वविद्यालय को नियमों के तहत ही उन्होंने अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय का दर्जा दिया था।