अखिलेश की वापसी पर आजम बोले, बेटा नाराज होता है तो बाप ही मनाता है
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सपा में सुलह करवाने के सूत्रधार बने यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खां का कहना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का निष्कासन एक बड़ी समस्या थी कि जो कि हल हो गई।
उन्होंने लखनऊ में मीडिया से बातचीत में कहा कि इस विवाद से मुसलमान परेशान थे, क्योंकि उन्हें लगता है कि सपा के कमजोर होने से भाजपा को मौका मिल जाएगा। इस समय सपा ही मुसलमानों की एक उम्मीद है।
आजम ने अखिलेश की नाराजगी पर कहा कि अब सब कुछ ठीक है। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। अगर बेटा नाराज होता है तो बाप ही उसे मनाता है।
आजम ने पूरे विवाद के स्क्रिप्टेड होने पर कहा कि अगर ऐसा है तो इससे हमें फायदा हुआ है। एक स्क्रिप्ट भाजपा की चल रही है, जिसमें सभी लाइन में लगे हैं और दूसरी में हम कामयाब रहे।
आजम लाए अखिलेश-मुलायम को नजदीक
सपा में समझौते के लिए मध्यस्थता आजम ने निभाई। उन्होंने पहले तो अखिलेश व मुलायम की बैठकों से दूरी बनाए रखी, फिर मुलायम से मिलने के लिए उनके आवास पर गए। आजम ने मुलायम से लगभग एक घंटे तक चर्चा की।
मुलायम से मिलने के बाद आजम सीएम अखिलेश के पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर गए और उन्हें साथ लेकर मुलायम से मिलने उनके घर गए।
अखिलेश व मुलायम के आमने-सामने बैठकर बात करने से समझौता हुआ। मुलायम ने प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव को अपने घर बुलाया और बात की।
अब कहा जा रहा है कि सबकुछ ठीक है। आजम ने सुबह ही स्पष्ट कर दिया था कि वह किसी भी बैठक में नहीं जाएंगे और सुलह की भरपूर कोशिश करेंगे।