ताजमहल को मंदिर कहना, मंदिर की तौहीन: आजम
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प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा कि ताजमहल को मंदिर कहना, मंदिर की तौहीन है। मंदिर में तो पूजा होती है। क्या कब्रिस्तान में पूजा की जा सकती है। ताजमहल तो कब्रिस्तान है, जहां शाहजहां और मुमताज दफन हैं। इमारत चाहे कितनी भी कीमती क्यों न हो, कब्र जिंदा नहीं हो सकती है।
आजम खां बुधवार को जौहर यूनिवर्सिटी में याद-ए-जौहर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फिरकापरस्त ताकतें ताजमहल को गिराने की योजना बना रही है। कुछ साल पहले ताजमहल पर हमला भी किया गया था।
धर्म परिवर्तन के नाम पर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। कोई स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करे तो वह दशहतगर्द।
जबरन धर्म परिवर्तन कराया तो वह देश की शोभा बनती है। सहारनपुर और कांठ जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो, इसलिए इस तरह की कोशिश 2017 के विधानसभा चुनावों के लिए की जा रही है।
हम महामहिम का कर्ज अदा नहीं कर पाएंगे
आजम खां ने कहा कि डा. अजीज कुरैशी ने यूपी के राज्यपाल के रूप में जौहर यूनिवर्सिटी के बिल पर दस्तखत न किया होता तो यह बिल गुमनामी में चला जाता है।
डा. कुरैशी ने इस बिल पर दस्तखत करके जो उपकार किया है, उसका कर्ज हम अदा नहीं कर पाएंगे। डा. कुरैशी को आने वाली नस्लें याद रखेंगी।
उन्होंने कहा कि इस बिल को विधानसभा में पारित करके भेजा गया था। कई राज्यपाल आए और चले गए, किसने हमारी बात नहीं सुनी।
खुदा ने हमारी दुआ कबूल की और डा. कुरैशी को यूपी के राज्यपाल का प्रभार मिल गया। उन्होंने ऐसा कर दिखाया जो इतिहास बन गया।