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आजम बोले, 'मैं समाज का सबसे घृणित व्यक्ति'

Thu, 14 Jan 2016 08:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 14 Jan 2016 08:39 PM IST
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Azam Khan speaks about himself.

नगर विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां जिस महफिल हों, वहां वे चर्चा में न आएं, ऐसा कम ही होता है। बृहस्पतिवार को उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में ही सही, खुद को समाज का सबसे घृणित व्यक्ति बताया।

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इसकी वजह का खुलासा करते हुए कहा कि वह जो महसूस करते हैं, वही बोलते हैं।

जनेश्वर मिश्र पार्क में ई-रिक्शा वितरण समारोह में आजम ने कहा, नौजवानी के दौर से मैंने अधूरे सपने देखे। उन्हीं से सियासत का लंबा सफर तय किया। छात्र जीवन से अब तक जिस विचारधारा पर चला, उसकी राह कांटों भरी है।
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भाजपा और संघ की तरफ इशारा करते हुए कहा अब इंतेहा है, आई एम मोस्ट हेटेड परसन ऑफ द सोसाइटी क्योंकि मैं अपने अहसास के साथ बेईमानी, झूठ और धोखा नहीं करता।

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'कैसा यूपी व कैसा हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं'

Azam Khan speaks about himself.

आजम बोले, अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाता, जो देखता हूं, कह देता हूं। न जाने क्यों मुझ पर पत्थर फेंकने वालों के हाथ थकते नहीं।

महात्मा गांधी कहते थे कि पूरी दुनिया के हाथों में पत्थर होंगे तो वह दुनिया सलामत नहीं रह पाएगी।

लव जेहाद और घर वापसी जैसे नारों से कमजोर, बेसहारा और शरीफ लोग आतंकित हैं।

कहीं पत्थरों की बाढ़ में उनका सब कुछ दफन न हो जाए। उन्होंने कहा, सोचना पड़ेगा कि कैसा यूपी और कैसा हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं।

नहीं ढूंढ पाए बुनियादी सवालों के हल

Azam Khan speaks about himself.

आजम ने कहा कि हम बहुत बार एमएलए, मंत्री हुए लेकिन बुनियादी समस्याओं का हल नहीं ढूंढ पाए। या तो हमारे पास दिल नहीं था या उसका साथ देने वाले हाथ।

समाजवादी रोटी, कपड़ा और मकान के नारे लगाते थे। रोटी दूर हो गई, कपड़े के कारखाने बंद हो गए और मकान बड़े लोगों की तकदीर में रह गए हैं।

जिंदगी के चंद लम्हे गुजारना सुखी जीवन नहीं है। लव जेहाद, घर वापसी जैसे नारे हमें खौफजदा करते हैं।

'आदमी, आदमी को खींचता है, रिक्‍शा समाज पर बोझ'

Azam Khan speaks about himself.

उन्होंने कहा, रिक्शा समाज पर बड़ा बोझ है। इस पर आदमी, आदमी को खींचता है। बैटरी चालित रिक्शा में ऐसा नहीं हो पाएगा। पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ समय तक वकालत करते समय मैं सोचता था कि काश! मेरी हैसियत इतनी हो जाए कि रिक्शा खींचने वाले बुजुर्गों का दर्द खरीद सकूं।

मैं शुक्रगुजार हूं कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के सहयोग से रिक्शा खींचने वालों को राहत मिलेगी। यह रिक्शा चालकों के लिए सरकार का तोहफा है, एहसान नहीं है।

अमेरिका पर साधा निशाना
आजम ने खाड़ी मुल्कों में दखल के लिए अमेरिका और पश्चिमी देशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन मुल्कों ने अपने शहरों की रौनक बढ़ाने और मयखानों का आनंद बढ़ाने के लिए मासूमों को मौत के घाट उतारा।

जमीन, तेल के कुओं, यूरेनियम और सोने की पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया।

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