'नेताजी को तय करना है किसे दिल में रखना है किसे नहीं'
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प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) किसे अपने दिल में रखते हैं, किसे निकालते हैं?
ये तो उन्हें ही तय करना है। वो सर्वेसर्वा है जिसको चाहे ले सकते हैं, जिसको चाहे निकाल सकते हैं। आजम खां शनिवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मुलायम सिंह यादव की ओर से अमर सिंह को अपने दिल में मौजूद रहने की बात कहे जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि दिल का मामला दिलवाले पर होता है। वो किसे अपने दिल में रखते हैं ये तो उनको ही तय करना है।
राहुल गांधी के धरने पर बैठने पर उठाए सवाल
राहुल गांधी की ओर से हैदराबाद में धरने पर बैठने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित प्रदेशों में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं लेकिन राहुल गांधी वहां पर धरने पर नहीं बैठे।
धर्म परिवर्तन करने का आरोप लगाकर एक युवक का सिर मुंडवाकर घूमाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये सांप्रदायिक शक्तियों की पुरानी सोच है।
ये लोग संविधान को नहीं मानते हैं। संविधान के तहत पूरी आजादी है किसी भी शख्स को किसी भी मजहब में बने रहने का या मजहब को तब्दील करके उसमें बने रहने का।