फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Azam in controversies: MPs, MLAs squandered their funds in Jauhar University

विवादों में आजम: सांसदों, विधायकों ने जौहर विवि में खूब लुटाई अपनी निधि, सरकारी विभागों का भी हुआ खर्च

Fri, 29 Sep 2023 09:56 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 29 Sep 2023 09:56 PM IST
सार

सूत्रों के मुताबिक जौहर विश्वविद्यालय में अवस्थापना संबंधी तमाम कार्यों के लिए दो दर्जन विधायकों ने अपनी निधि में से 10 लाख रुपये से लेकर 45 लाख रुपये तक दिए थे। 

विज्ञापन
Azam in controversies: MPs, MLAs squandered their funds in Jauhar University
आयकर विभाग की छापेमारी के बाद घर निकलते आजम खां - फोटो : संवाद

विस्तार

समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में केवल सरकारी विभागों का बजट ही इस्तेमाल नहीं किया गया, बल्कि तत्कालीन सरकार के विधायकों ने नियमों को दरकिनार कर अपनी निधि की रकम बरसाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। मामला हाईकोर्ट में पहुंचा तो कड़ी फटकार पड़ने पर विधायक निधि की रकम वापस करनी पड़ी।

विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक जौहर विश्वविद्यालय में अवस्थापना संबंधी तमाम कार्यों के लिए दो दर्जन विधायकों ने अपनी निधि में से 10 लाख रुपये से लेकर 45 लाख रुपये तक दिए थे। वहीं आजम खां की पत्नी एवं तत्कालीन सांसद तजीन फात्मा ने अपनी सांसद निधि से तीन बार 22.39 लाख रुपये दिये थे। विधान परिषद सदस्य सरोजनी अग्रवाल ने विश्वविद्यालय के लॉ संकाय में मूट कोर्ट के निर्माण के लिए सर्वाधिक 45 लाख रुपये और विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि योजना से तीन बार में 50 लाख रुपये दिये थे।
विज्ञापन


 वहीं अखिलेश यादव ने अपनी निधि से लॉ संकाय में शौचालय के निर्माण के लिए 20 लाख रुपये दिए थे। पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी ने लॉ संकाय में डीन व प्रिसिंपल कक्ष के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये और विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत 10 लाख रुपये दिये थे। एमएलसी रहे बुक्कल नवाब ने भी अपनी निधि से 40 लाख रुपये दिए थे। इसी तरह बाकियों ने भी जौहर विश्वविद्यालय के विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए अपनी निधि दी थी। कई विधायकों ने दो बार अपनी विधायक निधि से पैसा दिया था। इससे मिले करीब 4.57 करोड़ रुपये से जौहर विश्वविद्यालय के तमाम निर्माण कार्य हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन विधायकों ने दी निधि

मधु गुप्ता - 30 लाख
बलराम यादव - 15 लाख
रमेश यादव - 20 लाख
राम सुंदर दास - 20 लाख
यशवंत सिंह - 10 लाख
विजय यादव - 20 लाख
अंबिका चौधरी - 15 लाख
अहमद हसन - 10 लाख
लीलावती कुशवाहा- 50 लाख
एसआरएस यादव - 25 लाख
अशोक बाजपेई - 25 लाख
राम सकल गुर्जर - 10 लाख
रामजतन राजभर - 10 लाख

आठ सरकारी विभागों के 150 करोड़ से अधिक खर्च होने का मिल रहा सुराग

Azam in controversies: MPs, MLAs squandered their funds in Jauhar University
जौहर विवि - फोटो : संवाद

 मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय के निर्माण में आठ सरकारी विभागों का बजट खर्च किया गया था। आयकर विभाग की जांच में जौहर विश्वविद्यालय में अवस्थापना संबंधी कार्यों में इन विभागों का करीब 150 करोड़ रुपये खर्च किये जाने के सुराग मिले हैं। इसकी विस्तृत जांच के लिए विभागों को नोटिस भेजकर दस्तावेज देने के लिए नोडल अधिकारी तैनात करने को कहा गया है।

सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग की जांच में सामने आया है कि जौहर विश्वविद्यालय में सीएंडडीएस, लोक निर्माण विभाग, संस्कृति विभाग, ग्राम्य विभाग विभाग, पिछड़ा वर्ग विभाग, नगर विकास और सिंचाई विभाग द्वारा अवस्थापना संबंधी कार्य कराए गये थे। वहीं, जल निगम का दो अलग-अलग मदों में बजट खर्च किया गया था। इस बजट को पुल, सड़क, रिवरफ्रंट, नहर को चौड़ा करने, इमारतों के निर्माण समेत तमाम निर्माण कार्यों में व्यय किया गया था। 

सूत्रों के मुताबिक सीएंडडीएस का 35.90 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ था, जिसमें से 20.99 करोड़ रुपये व्यय हुए थे। इसी तरह लोक निर्माण विभाग के 17.16 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, जबकि 13.73 करोड़ रुपये व्यय हुए। जल निगम के परियोजना प्रबंधक अस्थाई निर्माण इकाई के 46.86 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, जबकि 46.86 करोड़ व्यय हुए। जल निगम अधिशासी अभियंता को 6.70 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे, जिसे पूरा खर्च किया गया। चार अन्य विभागों द्वारा खर्च किये बजट के बारे में आयकर विभाग ने जानकारी मांगी है।

विधायक से हुई पूछताछ
आयकर विभाग ने आजम खां के करीबी रामपुर की चमरौआ सीट से सपा विधायक नसीर खां से पूछताछ की है। बता दें कि नसीर खां जौहर ट्रस्ट में संयुक्त सचिव भी हैं। बीते दिनों आजम के साथ उनके ठिकानों को भी तीन दिन तक आयकर विभाग ने खंगाला था। सूत्रों के मुताबिक नसीर खां से जौहर ट्रस्ट में हुए लेन-देन और उनके चुनावी हलफनामे को लेकर सवाल किए गये। करीब छह घंटे तक चली पूछताछ में वह लगातार अधिकारियों को गुमराह करते रहे और उन्होंने किसी भी सवाल का सही जवाब नहीं दिया है। जल्द ही उनको दोबारा नोटिस देकर तलब किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed