रामनगरी को सजाने और संवारने में जुटी योगी सरकार, अयोध्या बनेगी सोलर सिटी, दो हजार करोड़ से होगा कायाकल्प
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राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही योगी सरकार अयोध्या के समेकित विकास की तैयारी में जुट गई है। अयोध्या न केवल देश के सबसे बड़े आध्यात्मिक स्थल के रूप में विकसित होगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन का भी बड़ा केंद्र बनेगी। रामनगरी के विकास और सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं और सुरक्षा के लिए सरकार दो हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी। पर्यटकों के ठहरने के लिए पर्याप्त व्यवस्था के साथ सड़क, रेल और हवाई मार्ग के यातायात की भी सुगम व्यवस्था होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को अयोध्या के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने और पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थानों का पुनरुद्धार करने का निर्देश दिया है। पर्यटन विभाग के अनुमान के अनुसार वर्ष 2020 में जहां 2.2 करोड़ लोग अयोध्या आएंगे, वहीं 2031 में इनकी संख्या बढ़कर 6.8 करोड़ तक हो जाएगी। इनमें 90 हजार विदेशी और 5.25 करोड़ भारतीय होंगे।
सीएम ने परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, राजकीय निर्माण निगम और पर्यटन विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने और निर्णय लेने में देरी न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
सीएम ने समग्र मास्टर प्लान तैयार करने का दिया निर्देश
सीएम योगी ने विश्वस्तरीय कन्सलटेंट का चयन करते हुए अयोध्या का समग्र मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है। सभी विभागों के साथ समीक्षा बैठक में अयोध्या को सबसे सुंदर व भव्य नगरी बनाने पर मंथन चल रहा है। अयोध्या अब केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी के रूप में भी स्थापित होने जा रही है।
गुप्तार घाट से नया घाट तक रिवर फ्रंट, सरयू पर रबर डैम
गुप्तार घाट से नया घाट तक रिवर फ्रंट बनेगा। साथ ही गुप्तारघाट पर वर्ष पर्यन्त सरयू में जल स्तर बनाए रखने के लिए रबर डैम का निर्माण किया जाएगा। सरयू के दोलों तरफ बंधों का भी निर्माण किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक वाहन से ही कर सकेंगे प्रवेश
अयोध्या में प्रवेश के सभी मुख्य मार्गों के निकट एंट्रेंस प्वाइंट पर पार्किंग, मल्टीलेवल पार्किंग, और यहां से नगर के अंदर जाने के लिए इलेक्ट्रिकल वाहनों की व्यवस्था की जाएगी।
वर्तमान में 258 करोड़ की पर्यटन विकास योजनाएं
- पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अयोध्या में विभाग की ओर से 258.12 करोड़ रुपये की योजनाओं पर काम चल रहा है।
- सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर थीम बेस्ड गेट के निर्माण, परिक्रमा पथों के विकास, कुंडों का जीर्णोद्धार, पर्यटक सुविधा केंद्र, पार्किंग, यात्री सुविधाओं और फूडकोर्ट के निर्माण के लिए जल्द ही केंद्र सरकार को 200 करोड़ का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
- इसके अलावा अयोध्या में केंद्र की योजनाओं से 127.20 करोड़ रुपये और राज्य की योजनाओं से 30.92 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। भगवान राम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार ने आवश्यक भूमि के अधिग्रहण के लिए भी 100 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
- आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, लोकनिर्माण, नगर विकास एवं शहरी नियोजन, सिंचाई एवं जल शक्ति, ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग के काम को भी जोड़ दें तो अयोध्या में केंद्र और प्रदेश सरकार 2000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने जा रही है।
होटल इंडस्ट्री हो रही आकर्षित
अयोध्या में होटल निर्माण के लिए सरकार को अब तक 20 प्रस्ताव मिले हैं। इनमें एक-एक होटल और रिसोर्ट के अतिरिक्त 12 बजट, 3 हेरीटेज और बाकी सामान्य होटल है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत के साथ ही होटल इंडस्ट्री के बड़े समूह और ब्रांड भी वहां होटल बनाने के लिए प्रस्ताव दे रहे हैं।