सीएम से मिलकर शांत हुए संत, बोले-जब सरकारी बनवाई है तो नाराज कैसे हों
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मुख्यमंत्री से मुलाकात के पहले अयोध्या के जो संत भाजपा और सरकार को लेकर काफी नाराज दिख रहे थे। वे ही बृहस्पतिवार को यहां जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात और बातचीत के बाद उनके आवास से बाहर निकले तो खुश थे।
ऐसा लग ही नहीं रहा था कि ये वहीं संत हैं जिनके निशाने पर दो दिन से भाजपा थी। संतो का नेतृत्व कर रहे दिंगबर अखाड़े के महंत सुरेश दास ने कहा कि मुख्यमंत्री से बातचीत हुई। हम लोग संतुष्ट हैं। नाराजगी दूर हो गई है। वैसे भी हम लोगों ने ही जब सरकार बनवाई है तो स्थायी रूप से नाराज कैसे रह सकते हैं।
संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि राम मंदिर का निर्माण होगा। इसके अलावा सरकार ने सरयू महोत्सव मनाने में सहायता देने के साथ अयोध्या के विकास और सौंद्रर्यीकरण के कामों को तेज करने का भी आश्वासन दिया है।
मुलाकात से पहले बोले
राम मंदिर निर्माण के मामले में भाजपा नेताओं की ओर से तरह-तरह के बयान आ रहे हैं। संत समाज चाहता है कि लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाए। सुरेश दास ने कहा कि हम लोग राम मंदिर के निर्माण और अयोध्या के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से वार्ता करने आए हैं।
मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय का इंतजार
संत बोले, हम नकवी को नहीं जानते
दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास सहित सभी संत केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के उस बयान से नाराज थे जिसमें उन्होंने कहा था भाजपा, 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में राम मंदिर नहीं बल्कि विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। सुरेश दास ने कहा, ‘हम नकवी को नहीं जानते, हम तो भाजपा को जानते हैं। राम मंदिर का निर्माण भाजपा का एजेंडा रहा है। इसी मुद्दे की बदौलत भाजपा मजबूत हुई है।’
संतों की मांग व आश्वासन
- अयोध्या सरयू महोत्सव को सरकार देगी 10 लाख
- पौने तीन करोड़ रुपये से कुंडों का पुनरुद्धार
- सरकार का आश्वासन, सरयू में सीधे नहीं गिरेंगे नाले
- सरकारी अभिलेखों में घाघरा की जगह सरयू नाम दर्ज होगा
- राम की पैड़ी का सुंदरीकरण जल्द पूरा होगा, स्वच्छ जल होगा
- अयोध्या के परिक्रमा मार्गों को सुधारीकरण व सौंद्रीयकरण