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अयोध्या: राममंदिर पर आपत्तिजनक मैसेज करने वाले को पुलिस ने दबोचा, परिसर में नमाज पढ़ने की थी इच्छा
Sat, 15 Jul 2023 10:59 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
अमर उजाला संवाद, अयोध्या
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sat, 15 Jul 2023 10:59 PM IST
सार
अयोध्या के राम मंदिर निर्माण पर आपत्तिजनक मैसेज करने वाले एक आरोपी को यूपी पुलिस ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी की इच्छा अयोध्या आकर नमाज पढ़ने की थी।
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रामनवमी पर सजा गर्भगृह।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य के व्हाट्सएप पर राम मंदिर के खिलाफ आपत्तिजनक मैसेज करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने मैसेज में ''राम जन्मभूमि नो मोर, बाबरी मस्जिद यस'' जैसे मैसेज डाले थे। पुलिस आरोपी को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर अयोध्या लाई है।
सूत्रों के अनुसार, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के मोबाइल पर कुल पांच व्हाट्सएप मैसेज आए थे। इनमें प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रामजन्मभूमि मामले में फैसला सुनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश व पूर्व राष्ट्रपति के प्रति आपत्तिजनक कमेंट करते हुए फोटो भेजा गया था। साथ ही ''राम जन्मभूमि नो मोर, बाबरी मस्जिद यस'' की बात लिखी गई थी।
इस मामले में विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के मुख्तार कैलाश नाथ मिश्र की ओर से 10 जुलाई को थाना रामजन्मभूमि पुलिस को शिकायत दी गई थी, जिस पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान उक्त व्हाट्सएप नंबर मो. मिसबहुल शेख निवासी पश्चिम बंगाल का पाया गया। इसके बाद उसकी तलाश में एक पुलिस टीम रवाना हुई थी। पुलिस टीम पश्चिम बंगाल के 24 परगना बजबज थाना क्षेत्र निवासी मिसबहुल शेख को गिरफ्तार कर अपने साथ लेकर आई है।
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सूत्रों के अनुसार, कपड़ों पर कढ़ाई का कार्य करने वाला मिसबहुल शेख बाबरी मस्जिद प्रकरण को लेकर आक्रोशित था। उसकी इच्छा अयोध्या आकर परिसर में नमाज पढ़ने व स्थल को देखने की थी। एसएसपी राजकरन नैय्यर ने बताया कि जल्द ही मामले की पूरी जानकारी दी जाएगी।
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सूत्रों के अनुसार, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के मोबाइल पर कुल पांच व्हाट्सएप मैसेज आए थे। इनमें प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रामजन्मभूमि मामले में फैसला सुनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश व पूर्व राष्ट्रपति के प्रति आपत्तिजनक कमेंट करते हुए फोटो भेजा गया था। साथ ही ''राम जन्मभूमि नो मोर, बाबरी मस्जिद यस'' की बात लिखी गई थी।
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इस मामले में विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के मुख्तार कैलाश नाथ मिश्र की ओर से 10 जुलाई को थाना रामजन्मभूमि पुलिस को शिकायत दी गई थी, जिस पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान उक्त व्हाट्सएप नंबर मो. मिसबहुल शेख निवासी पश्चिम बंगाल का पाया गया। इसके बाद उसकी तलाश में एक पुलिस टीम रवाना हुई थी। पुलिस टीम पश्चिम बंगाल के 24 परगना बजबज थाना क्षेत्र निवासी मिसबहुल शेख को गिरफ्तार कर अपने साथ लेकर आई है।
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सूत्रों के अनुसार, कपड़ों पर कढ़ाई का कार्य करने वाला मिसबहुल शेख बाबरी मस्जिद प्रकरण को लेकर आक्रोशित था। उसकी इच्छा अयोध्या आकर परिसर में नमाज पढ़ने व स्थल को देखने की थी। एसएसपी राजकरन नैय्यर ने बताया कि जल्द ही मामले की पूरी जानकारी दी जाएगी।