अयोध्या प्रकरण: हर हालात के लिए तैयार हो रही यूपी पुलिस, अलग-अलग जिलों में तैयारियां शुरू
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अयोध्या प्रकरण में निर्णय के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, पुलिस और प्रशासन की तैयारियां भी जोर पकड़ने लगी हैं। फैसला अगर 10 नवंबर से पहले आया तो पुलिस के लिए चुनौती काफी बढ़ जाएगी। 10 नवंबर को बारावफात का त्यौहार है, जिसे मोहम्मद साहब के जन्म दिन के रूप में मनाया जाता है।
उधर, अयोध्या में बड़ी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं अन्य जिलों से भी प्रत्येक परिस्थिति का आकलन करते हुए फोर्स मांगी गई है। डीजीपी मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि अयोध्या प्रकरण में फैसले के हर पहलू को मद्देनजर रखते हुए तैयारी की जा रही है।
साथ ही जिलों के अधिकारियों को कहा गया है कि वे स्थानीय स्तर पर समाज में अच्छी पैठ रखने वाले संभ्रांत नागरिकों के संपर्क में रहें ताकि जरूरत होने पर उनके महत्व का लाभ लिया जा सके।
तैयार किया जा रहा ड्यूटी चार्ट
पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि फैसला अगर बारावफात से पहले आता है, तो उससे किस तरह निपटा जाए। इसके लिए अलग-अलग जिलों ने अपने स्तर से तैयारियां भी शुरू की हैं। लखनऊ में थाने स्तर पर ए और बी दो टीमें बनाई गई हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर पूरे थाने की फोर्स न भेजनी पड़े और ड्यूटी चार्ट पहले से निर्धारित रहे।
सी तरह मुरादाबाद में जिले के संभ्रांत लोगों के साथ मीटिंग की जा रही है और अफवाहों पर ध्यान न देने और शरारती तत्वों के खिलाफ पुलिस को सूचना देने की अपील की जा रही है। आगरा में आईजी स्तर पर अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह क्षेत्र में भ्रमण पर रहें और ऐसे लोगों के संपर्क में रहें जिनकी समाज में स्वीकार्यता अधिक हो।
सोशल मीडिया पर रखी जा रही विशेष निगरानी
आईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि इसे लेकर विशेष तौर पर सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है। फैसले को लेकर किसी तरह की अफवाह को रोकने के लिए डिजिटल वालंटियर और क्षेत्र के संभ्रांत लोगों की मदद ली जाएगी। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पिछले 15 दिनों में ही सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले 150 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। 20 से अधिक लोगों को आईटी एक्ट व अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया गया है। आगे भी कोई माहौल खराब करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ रासुका लगाने तक पर भी विचार किया जाएगा।