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अयोध्या : रामलला के दरबार में 51 हजार दीप जलाने की योजना, तैयारियों में जुटी प्रदेश सरकार
Sat, 12 Oct 2019 09:01 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 12 Oct 2019 09:01 PM IST
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अयोध्या
- फोटो : amar ujala
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इस वर्ष दीपोत्सव का आकर्षण केवल राम की पैड़ी व रामकथा पार्क तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि रामनगरी के 14 धार्मिक स्थलों से लेकर घर-घर दीपों की रोशनी से तीन दिनों तक धर्मनगरी जगमगाएगी।
वहीं दूसरी तरफ विश्व हिंदू परिषद ने इस बार रामलला के दरबार में भी दिव्य दीपोत्सव के दौरान 51 हजार दीप जलाने की योजना बनाई है। इसके लिए सोमवार को विहिप साधु-संतों के साथ अधिग्रहीत परिसर के रिसीवर/मंडलायुक्त से मुलाकात कर उनसे दीप जलाने की अनुमति मांगेंगे।
24 से 26 अक्तूबर तक अयोध्या में आयोजित होने जा रहे दीपोत्सव की तैयारी में प्रदेश सरकार जुटी हुई है। दीप जलाने का नया रिकार्ड बनाने की भी तैयारी है। ऐसे में विहिप ने इस वर्ष दीपोत्सव पर रामलला के दरबार में 51 हजार दीप जलाने की योजना बनाई है।
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इसके लिए सोमवार को विहिप व साधु-संतों का एक प्रतिनिधिमंडल अधिग्रहीत परिसर के रिसीवर/मंडलायुक्त से मुलाकात कर अनुमति मांगेगा, क्योंकि अधिग्रहीत परिसर में किसी भी नई व्यवस्था के लिए रिसीवर की अनुमति जरूरी है।
यदि अनुमति मिलती है तो इस वर्ष रामलला का दरबार भी दिव्य दीपोत्सव में भव्यता का पर्याय होगा। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास कहते हैं कि किसी नई परंपरा के शुभारंभ के लिए रिसीवर की अनुमति लेनी होती है।
अभी दीपावली में केवल 51 दीप ही रामलला के दरबार में जलाए जाने की परंपरा चली आ रही है। दीप जलाने के लिए कोई सरकारी अनुदान भी नहीं है, वह स्वयं ही दीपक की व्यवस्था कर रामलला के दरबार को रोशन करते हैं।
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वहीं दूसरी तरफ विश्व हिंदू परिषद ने इस बार रामलला के दरबार में भी दिव्य दीपोत्सव के दौरान 51 हजार दीप जलाने की योजना बनाई है। इसके लिए सोमवार को विहिप साधु-संतों के साथ अधिग्रहीत परिसर के रिसीवर/मंडलायुक्त से मुलाकात कर उनसे दीप जलाने की अनुमति मांगेंगे।
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24 से 26 अक्तूबर तक अयोध्या में आयोजित होने जा रहे दीपोत्सव की तैयारी में प्रदेश सरकार जुटी हुई है। दीप जलाने का नया रिकार्ड बनाने की भी तैयारी है। ऐसे में विहिप ने इस वर्ष दीपोत्सव पर रामलला के दरबार में 51 हजार दीप जलाने की योजना बनाई है।
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इसके लिए सोमवार को विहिप व साधु-संतों का एक प्रतिनिधिमंडल अधिग्रहीत परिसर के रिसीवर/मंडलायुक्त से मुलाकात कर अनुमति मांगेगा, क्योंकि अधिग्रहीत परिसर में किसी भी नई व्यवस्था के लिए रिसीवर की अनुमति जरूरी है।
यदि अनुमति मिलती है तो इस वर्ष रामलला का दरबार भी दिव्य दीपोत्सव में भव्यता का पर्याय होगा। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास कहते हैं कि किसी नई परंपरा के शुभारंभ के लिए रिसीवर की अनुमति लेनी होती है।
अभी दीपावली में केवल 51 दीप ही रामलला के दरबार में जलाए जाने की परंपरा चली आ रही है। दीप जलाने के लिए कोई सरकारी अनुदान भी नहीं है, वह स्वयं ही दीपक की व्यवस्था कर रामलला के दरबार को रोशन करते हैं।
संतों ने कहा कि विहिप की मुहिम सराहनीय
रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने विहिप की इस मुहिम की प्रशंसा की है। संतों का कहना है कि संपूर्ण रामनगरी में भले ही दीपक जलें लेकिन यदि रामलला के दरबार में दीपक नहीं जलाए जाते तो यह रामनगरी का दुर्भाग्य ही है।
रामजन्मभूमि न्यास के सदस्य महंत कमलनयन दास कहते हैं कि दीपोत्सव ने अयोध्या की धार्मिक गरिमा बढ़ाने का काम किया है इस वर्ष हम रामलला के दरबार में भी दीप जलाएंगे। इसके लिए रिसीवर से अनुमति मांगी जाएगी। श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि विहिप की मुहिम सराहनीय है, संपूर्ण नगरी के साथ रामलला का दरबार भी रोशन होना चाहिए तभी दिव्य दीपोत्सव की सार्थकता है।
दीपोत्सव का कार्यक्रम तभी सफल होगा जब लाखों की संख्या में रामलला के दरबार में दीप जलें। जिनके लिए हम महोत्सव मनाते हैं इस बार उनके दरबार में 51 हजार दीपक जलाकर अपनी श्रद्धा निवेदित करने की तैयारी है। साधु-संतों के साथ सोमवार को रिसीवर से मिलकर अनुमति मांगेंगे।
- शरद शर्मा, प्रांतीय मीडिया प्रभारी, विहिप
रामजन्मभूमि न्यास के सदस्य महंत कमलनयन दास कहते हैं कि दीपोत्सव ने अयोध्या की धार्मिक गरिमा बढ़ाने का काम किया है इस वर्ष हम रामलला के दरबार में भी दीप जलाएंगे। इसके लिए रिसीवर से अनुमति मांगी जाएगी। श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि विहिप की मुहिम सराहनीय है, संपूर्ण नगरी के साथ रामलला का दरबार भी रोशन होना चाहिए तभी दिव्य दीपोत्सव की सार्थकता है।
दीपोत्सव का कार्यक्रम तभी सफल होगा जब लाखों की संख्या में रामलला के दरबार में दीप जलें। जिनके लिए हम महोत्सव मनाते हैं इस बार उनके दरबार में 51 हजार दीपक जलाकर अपनी श्रद्धा निवेदित करने की तैयारी है। साधु-संतों के साथ सोमवार को रिसीवर से मिलकर अनुमति मांगेंगे।
- शरद शर्मा, प्रांतीय मीडिया प्रभारी, विहिप