23 से शुभ कार्य शुरू, जानें कौन-से लग्न हैं शुभ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
3 नवंबर को देवोत्थानी एकादशी पर देवताओं के जागने के बाद अब शुक्र 23 नवंबर को उदय होने जा रहे हैं।
इसी के साथ करीब पांच महीनों से रुके विवाह जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। देवोत्थानी एकादशी के बावजूद शुक्रास्त होने के चलते शुभ कार्य रुके हुये थे। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक बीते 3 नवंबर को लगभग चार महीने बाद देवता देवोत्थानी एकादशी पर देवता जागे।
लेकिन तब शुक्रास्त के चलते लग्नें नहीं मिल सकीं, क्योंकि 2 अक्तूबर से शुक्र अस्त चल रहे थे। शुक्र 23 नवंबर को उदय होंगे। उसके बाद 26 नवंबर से सहालगें मिलनी शुरू हो जाएंगी।
आचार्य ने बताया कि इस बीच 16 दिसंबर के बाद धनु राशि पर सूर्य चले जाने के कारण खरमास शुरू होते ही विवाह एक बार फिर रुकेंगे। जनवरी 2015 में खरमास समाप्त होने के बाद 15 जनवरी से लग्नें फिर से मिलेंगी।
शुक्रोदय के बाद जानें कब हैं सहालगें
आचार्य प्रदीप ने बताया कि चूंकि शुक्रउदय होने के बाद अगले 60 घंटे तक या ढाई दिन तक वे बालत्व में रहते हैं।
इसलिए विवाह जैसे मंगल कार्य से बचना चाहिए। यही प्रक्रिया उनके अस्त होने के समय होती है। जब वे अस्त होने को होते हैं तो वृद्धावस्था में आ जाते हैं।
उन्होंने बताया कि शुक्र उदय के बाद विवाह, गृह प्रवेश, भू क्रय-विक्रय, व्यापार की शुरुआत, आभूषण क्रय, भवन क्रय जैसे मंगल कार्य किए जा सकेंगे।
शुक्र उदय होने के बाद साल 2014 में सहालगें
नवंबर में-- 26 और 30 नवंबर।
दिसंबर में--1, 6, 7, 12, 15 और 16 दिसंबर।
खरमास बीतने के बाद सहालगें
जनवरी 2015 में-- 15, 18, 19, 24, 25, 26, 29, 30 और 31 जनवरी।
फरवरी 2015 में-- 4, 5, 7, 8, 10, 11, 12, 14, 15, 16, 17, 20, 21, 22, 25, 26 और 27 फरवरी।
मार्च 2015 में-- 4, 5, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13 और 14 मार्च।