फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   attempt of suicide in front of CM aawas

बीजेपी विधायक पर दुष्कर्म का आरोप, सीएम आवास पर आत्मदाह का प्रयास

Sun, 08 Apr 2018 07:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 08 Apr 2018 07:13 PM IST
विज्ञापन
attempt of suicide in front of CM aawas
गौतमपल्ली थाने में धरने पर बैठा पीड़ित परिवार। - फोटो : amar ujala
उन्नाव के भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर माखी थानाक्षेत्र की युवती ने रेप का आरोप लगाया। पीड़िता के परिवार ने विधायक के खिलाफ पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए रविवार सुबह मुख्यमंत्री आवास पर आत्मदाह का प्रयास किया।
विज्ञापन


पुलिस ने आत्मदाह के पहले ही पूरे परिवार को पकड़ लिया और थाने लेकर गई। जहां उन्नाव पुलिस से संपर्क किया। अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दी। दोपहर में एडीजी लखनऊ पीड़ित परिवार से मिले और मामले की जांच लखनऊ पुलिस से कराने का निर्देश दिया। इसके बाद परिवार को उन्नाव पुलिस के साथ भेज दिया।
विज्ञापन


माखी थानाक्षेत्र की रहने वाली युवती ने भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर आरोप लगाया कि जून 2017 में उन्होंने उसे बंधक बनाकर कई बार रेप किया। यहीं नहीं उन्होंने अपने गुर्गों से भी रेप कराए। पीड़िता ने थाने में आरोपी विधायक के खिलाफ तहरीर दी, तो पुलिस ने कार्रवाई न करते हुए उसे टरकाते रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को लेकर पीड़िता का परिवार कई बार लखनऊ में पुलिस के उच्चाधिकारियों से भी मिल चुका है। एक बार मुख्यमंत्री से जनता दरबार में गुहार लगाई, लेकिन जांच की बात कहकर मामले को टाल दिया गया।

मुझे बदनाम करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी

attempt of suicide in front of CM aawas
उन्नाव के भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर - फोटो : amar ujala
इस मामले में उन्नाव के भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने कहा कि मुझ पर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि ये सब कुछ प्री-प्लान था। इनके घर में एक घटना हुई थी लेकिन इन लोगों ने कुछ निर्दोषों को फंसाया था। हालांकि, पुलिस ने उसे बचा लिया।

विधायक का कहना है कि जिस महिला ने मुझ पर आरोप लगाया है, उसका और उसके परिवार का सोचना है कि मैंने ही निर्दोषों को बचाने में मदद की इसलिए इन लोगों ने मुझे बदनाम करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। विधायक ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में गहनता से छानबीन कर जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

केस वापस लेने के लिए बनाया दबाव, परिवारीजनों पर किया हमला

पीड़िता की दादी का आरोप है कि विधायक ने शशी सिंह नाम की महिला के सहयोग से दुष्कर्म किया था। जब पीड़िता की मां ने विधायक व शशी के खिलाफ कोर्ट में केस के लिए आवेदन किया तभी से दबाव बनाया जाने लगा था। तीन अप्रैल को पीड़िता का पिता गांव पहुंचा तो उस पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। जब विरोध किया तो विधायक के भाई जयदीप उर्फ अतुल सिंह, प्रशांत सिंह, बउवासिंह, विनीत, सोनू सिंह, अरुण सिंह सहित दर्जनों लोगों ने उस पर हमला बोल दिया। पीड़िता के पिता को पेड़ से बांधकर पिटाई की। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल होने के बाद भी पुलिस ने उसे विधायक के दबाव में जेल भेज दिया। इसका विरोध करने जब परिवार की महिलाएं विधायक के आवास पर पहुंची तो उनके साथ बदसलूकी की गई। पुलिस ने वापस भेज दिया।

पुलिस से हुई नोंकझोंक, थाने में किया हंगामा

रेप पीड़िता का परिवार रविवार सुबह करीब 10 बजे मुख्यमंत्री आवास पर पहुंच गया। एक घंटे तक परिवार के सभी सदस्य वहां मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास किया, जब सफलता नहीं मिली तो 11 बजे के करीब रेप पीड़िता ने केरोसिन ऑयल शरीर पर डालने का प्रयास किया। इसी दौरान युवती पर पुलिस की नजर पड़ गई। पुलिस ने तत्काल उससे केरोसिन ऑयल का डिब्बा छीन लिया। इसके बाद पूरे परिवार को पकड़ने का सिलसिला शुरु हुआ।

करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद पुलिस ने परिवार के सभी सदस्यों को गौतमपल्ली थाने लेकर गई। वहां इंस्पेक्टर विजय सेन सिंह ने पूछताछ की, तो विधायक पर आरोप लगाते हुए एक पत्र दिया। जब इसकी जानकारी इंस्पेक्टर अधिकारियों और उन्नाव पुलिस को देर रहे थे। इसी बीच पीड़ित परिवार ने थाने में हंगामा शुरू कर दिया। थाने में तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने परिवार के लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान उनके सामानों की जांच की गई तो एक बैग से केरोसिन ऑयल से भरा एक डिब्बा मिला। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।

एडीजी ने सुनी फरियाद, लखनऊ पुलिस करेगी जांच

मुख्यमंत्री आवास और गौतमपल्ली थाने में रेप पीड़िता के परिवारीजनों के हंगामे की खबर सुन एडीजी राजीव कृष्ण ने बुला लिया। करीब 25 मिनट तक परिवार से पूरे मामले की जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्होंने कहा कि रेप और मारपीट के दोनों को केसों की जांच लखनऊ के किसी अधिकारी से कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर माखी पुलिस ने विधायक को बचाने के लिए रेप के केस से नाम हटाया है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। देर शाम को माखी पुलिस के पहुंचने केबाद पूरा परिवार उन्नाव केलिए रवाना हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed