IS की साजिश नाकाम, इस तरह से किया जा रहा था युवाओं का ब्रेनवॉश
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देश में तेजी से पांव पसार रहे आतंकी संगठन आईएस की साजिश यूपी में एटीएस अधिकारियों की समझदारी से नाकाम हो गई। आईएस के मॉड्यूल सोशल मीडिया के माध्यम से सूबे के युवाओं का ब्रेनवॉश करके उन्हें दहशतगर्दी की राह पर ले जाना चाहते थे।
एटीएस ने ऐसे 16 युवाओं को न सिर्फ कानून के शिकंजे से बचाया बल्कि काउंसलिंग और मदद करके उन्हें मुख्य धारा से जोड़ा। आईएस की विचारधारा से प्रेरित इन युवकों के परिवारीजनों को भी एटीएस ने सुरक्षा और सहारा दिया है।
एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि आईएस आतंकी सूबे के युवाओं को सोशल मीडिया के जरिये आकर्षित कर रहे हैं। फेसबुक, ट्विटर, यू-ट्यूब सहित अन्य माध्यमों से युवाओं को ऐशो-आराम की जिंदगी के सपने दिखाए जा रहे हैं।
ऐसे वीडियो देखकर युवा आईएस से प्रेरित होकर उनके मॉड्यूल के संपर्क में आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर ये युवा आईएस की विचारधारा का समर्थन करते हुए देश के प्रति नफरत और धर्म विशेष के प्रति उत्पीड़न वाले पोस्ट लिख रहे थे।
एटीएस को मिली चौंकाने वाली जानकारी
एटीएस ने जब इनकी निगरानी शुरू की तो चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। 18 से 28 साल के 16 ऐसे युवा चिह्नित हुए जो दहशतगर्द बनने की राह पर चल पड़े थे। गहराई से पड़ताल में खुलासा हुआ कि इनमें से चार युवा लखनऊ के ही हैं।
बाकी आजमगढ़, गोरखपुर और वाराणसी के थे। राजधानी के चारों युवक हाल ही में पकड़े गए आईएस मॉड्यूल अलीम के घर हुई एक बैठक में भी शामिल हुए थे। इन युवकों की हरकतें ऐसी थीं कि उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज हो सकता था। पर, एटीएस ने इनसे और उनके परिवारीजनों से संपर्क किया।
अभिभावकों को जब बच्चों के बारे में बताया गया तो उनके भी होश उड़ गए। परिवार और दोस्तों की मदद से एटीएस ने भटके हुए युवाओं को एक मौका देते हुए उनका मार्गदर्शन किया।
उन्हें देश का जिम्मेदार नागरिक होने का अहसास कराते हुए समाज की मुख्य धारा से जोड़ा। एटीएस इन सभी युवकों की गतिविधियों, सोशल मीडिया अकाउंट और पोस्ट पर नजर रख रही है।