माफिया अतीक के बरेली जेल पहुंचते ही अफसरों के पसीने छूटे, डीएम बोले- किसी और जेल में शिफ्ट करें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया से बरेली जिला जेल में शिफ्ट किए गए माफिया अतीक अहमद की सुरक्षा को लेकर यहां जेल प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। जेल अधीक्षक ने स्टाफ की कमी और थाना काफी दूरी पर होने समेत कई दिक्कतों का जिक्र करते हुए डीएम को पत्र लिखा है।
इसके बाद डीएम ने अतीक को किसी दूसरी जेल में शिफ्ट करने की रिपोर्ट प्रमुख सचिव कारागार को भेज दी है। अब शासन स्तर पर फैसला होना है कि अतीक को बरेली में ही रखा जाना है या उसे कहीं और भेजा जाएगा।
माफिया अतीक अहमद को मंगलवार को देवरिया से बरेली जिला जेल में लाए जाने के बाद से ही यहां जेल अधिकारियों की धड़कने बढ़ी हुई हैं। बुधवार को अतीक अहमद ने मुंहमांगी सुविधाएं न मिलने पर जेल अधिकारियों को यह धमकी भी दे दी थी कि उसे सुविधाएं नहीं मिली तो उनके लिए उसे कंट्रोल कर पाना मुश्किल होगा।
इसके बाद जेल अधिकारियों ने कोशिश शुरू कर दी है कि अतीक को बरेली के बजाय किसी और जेल में शिफ्ट कर दिया जाए। जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्र ने अतीक की सुरक्षा पर हाथ खड़े करते हुए डीएम को पत्र भेजा है।
जिलाधिकारी ने अतीक को शिफ्ट करना बताया जरूरी
जिलाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जेल के अधिकारियों ने अतीक अहमद को बरेली से किसी और जेल में शिफ्ट किए जाने के संबंध में पत्र भेजा था। इसमें जेल अफसरों ने कई दिक्कतों का उल्लेख करते हुए बरेली कारागार से अतीक को शिफ्ट करना जरूरी बताया है। मैंने इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
तलाशी पर माफिया बोला- सब देवरिया छोड़ आए.. यहां कुछ नहीं
देवरिया से ट्रांसफर हुए माफिया अतीक अहमद का नया ठिकाना अब जिला जेल की बैरक नंबर 98 है। जेल प्रशासन ने उसे तन्हाई बैरक से हटाकर नौ अन्य बंदियों के साथ रखा है। वहीं जेल से ही मोबाइल के जरिए अपने गुर्गों से बात करने के इनपुट पर गुरुवार शाम साढ़े चार बजे पुलिस-प्रशासन ने माफिया की बैरक में छापामारी कर दी।
अधिकारी तीसरे सर्किल की बैरक नंबर 98 पर पहुंचे। माफिया की तलाशी के बाद घंटेभर तक उसकी बैरक खंगाली गई। अधिकारियों के मुताबिक मोबाइल, हथियार जैसी चीज नहीं मिली है। एक अधिकारी ने बताया कि बैरक की तलाशी के दौरान माफिया ने कहा - सब कुछ देवरिया छोड़ आए हैं.. यहां नहीं है कुछ।
तलाशी के दौरान अफसरों से बातचीत करता रहा माफिया
तलाशी के दौरान माफिया अधिकारियों के साथ सामान्य बातचीत करता रहा। उसने जेल के अंदर प्रशासकीय व्यवस्थाओं में सहयोग करने की बात भी कही।
जेल में छापामारी से पहले अधिकारियों ने बॉडी प्रोटेक्टर पहने। छापामारी के दौरान हंगामा, बवाल की आशंका में ये तैयारियां की गईं। पुलिस और प्रशासकीय अधिकारियों के साथ बाकी फोर्स भी लाठियों के साथ मुस्तैद नजर आया।