यूपीः मरीज के परिजनों ने डॉक्टर को बनाया बंधक, मारपीट भी
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लखनऊ के एक अस्पताल में गुरुवार की सुबह एक बड़ी घटना हुई। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में तड़के जमकर बवाल हुआ। बच्चे को उल्टी दस्त की शिकायत के बाद इमरजेंसी लेकर पहुंचे परिवारीजनों ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
कोई सुनवाई नहीं हुई तो परिवारीजनों ने ड्यूटी रूम में बैठे डॉक्टरों को बाहर से बंद कर दिया। इसके बाद वार्ड ब्वाए, फॉर्मासिस्ट और सुरक्षाकर्मियों से मारपीट की। मौके पर पुलिस पहुंची तो परिवारीजन मरीज को लेकर अस्पताल से चले गए। अस्पताल प्रशासन ने तोड़फोड़ और हंगामा करने वाले तीमारदारों के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है।
इंदिरानगर स्थित एचएएल कॉलोनी के रहने वाले अभिषेक अपने बेटे रुद्राक्ष (9) को उल्टी दस्त की शिकायत के बाद बृहस्पतिवार तड़के सुबह करीब तीन बजे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने बच्चे को देखने के बाद भर्ती कराने की सलाह दी।
इसके थोड़ी देर बाद बच्चे की हालत बिगड़ी तो परिवारीजन नाराज हो गए और ड्यूटी रूम में बैठे डॉ. घनश्याम और डॉ. डीके सिंह को कमरे में धकेल कर बाहर से कुंडी बंद कर बंधक बना लिया। मौके पर पहुंचे फॉर्मासिस्ट और वार्ड ब्वाए राम सिंह ने दरवाजा खोलना चाहा तो मरीज के साथ मौजूद अजय और अंकित समेत अन्य लोगों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी।
गुस्से से लाल परिजनों ने इमरजेंसी गेट का कांच तोड़ दिया जिसके बाद वहां मौजूद दूसरे मरीज व तीमारदार बाहर भाग गए। इसके बाद मौके पर पहुंचे इमरजेंसी एम्बुलेंस ड्राइवर नौशाद, गार्ड महिपाल सिंह और पिंटू ने बीच बचाव किया तो उसकी भी जमकर पिटाई कर दी।
इसके बाद इमरजेंसी स्टाफ ने इमरजेंसी में चल रहे बवाल की सूचना पुलिस को दी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने बंधक बनाए गए डॉक्टरों का कमरा खोला और समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना
सुबह करीब तीन बजे हुई घटना की एक-एक हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसमें तीमारदार साफ दिख रहे हैं कि वो इमरजेंसी स्टाफ के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मारपीट और तोड़फोड़ की पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड है। उसी को साक्ष्य के आधार पर पुलिस को सौंपा जाएगा जिससे मारपीट करने वालों पर कार्रवाई हो सके।
करीब आधे घंटे तक चले हंगामे और तोड़फोड़ के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को देखते ही तीमारदार बच्चे को लेकर फरार हो गए। इमरजेंसी स्टाफ का कहना है कि मरीज को लेकर आए परिवारीजनों ने आते ही बदसलूकी करनी शुरू कर दी। यहां तक इलाज करने वाले डॉक्टर ने बच्चे की स्थिति सामान्य बताई थी। इसके बाद भी अभद्रता करते हुए इमरजेंसी में बवाल किया। इस दौरान इमरजेंसी में आने वाले दूसरे मरीजों का भी इलाज प्रभावित रहा।
इधर अस्पताल के सीएमएस डा आरसी अग्रवाल ने कहा कि इमरजेंसी में सुबह चार बजे रुद्राक्ष नाम के बच्चे का इलाज करने आए तीन लोगों ने डॉक्टरों को कमरे में बंद कर दिया।
घटना की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस में शिकायत की जाएगी। इमरजेंसी में इलाज को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जाती है। इस तरह से तोड़फोड़ या मारपीट करने वाले कि सी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।