केजरी ने नहीं माना कोर्ट का आदेश, की मनमानी
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लोकसभा चुनाव के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद सोमवार को कोर्ट में सरेंडर नहीं किया।
उनके अधिवक्ता ने हाईकोर्ट के आदेश प्रति अदालत में दाखिल की। न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्गेश पांडेय ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तिथि नियत की है।
दो मई 2014 को आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के औरंगाबाद में चुनावी सभा में भाजपा व कांग्रेस पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
बीते 20 जुलाई को कोर्ट ने व्यक्तिगत हाजिरी से छूट देने की मांग करने वाली अरविंद केजरीवाल की अर्जी खारिज कर उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। इसे अरविंद केजरीवाल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी थी।
कोर्ट में दोबारा दाखिल की थी अर्जी
जिस पर हाईकोर्ट ने बीते दिनों चार सप्ताह के लिए उनके खिलाफ जारी वारंट पर रोक लगा दी थी। बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट के आदेश की नकल दाखिल कर मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत हाजिरी से छूट देने के लिए दोबारा कोर्ट में अर्जी दी थी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट दुर्गेश पांडेय ने बीते 12अगस्त को अरविंद केजरीवाल की व्यक्तिगत हाजिरी से छूट देने की मांग करने वाली अर्जी दोबारा खारिज कर दी थी।
बीते 27 अगस्त को हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की याचिका पर उन्हें कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने चार सप्ताह उनके खिलाफ कोई उत्पीड़क कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सोमवार को पेशी पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कोर्ट में सरेंडर नहीं किया। उनके अधिवक्ता रुद्रप्रताप सिंह मदन ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति कोर्ट में दाखिल की।