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गिरफ्तारी वारंट जारी: 42 साल पुराने मामले में पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा भगोड़ा घोषित
Thu, 23 Sep 2021 01:11 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 23 Sep 2021 01:11 PM IST
सार
रजिस्ट्रार के कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ करने के मामले में पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा सहित तीन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
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पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
लखनऊ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट व गाली-गलौज करने के 42 साल पुराने मामले में फरार चल रहे पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा समेत तीन आरोपियों को एमपी-एमएलए कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और उनकी जमानत लेने वालों को नोटिस जारी किया है।
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छह फरवरी, 1979 के इस प्रकरण में लापरवाही बरतने और आरोपियों को कोर्ट में पेश न करने पर इंस्पेक्टर हसनगंज के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज करते हुए दो नवंबर तक अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
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पुलिस ने 18 नवंबर, 1979 को मेहरोत्रा, बृजेंद्र अग्निहोत्री व अनिल कुमार सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर किया था। वहीं हजरतगंज थान क्षेत्र में बलवा से जुड़े एक अन्य मामले में भी मेहरोत्रा, समर बहादुर सिंह व अशोक सिंह के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
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साथ ही लापरवाही पर हजरतगंज इंस्पेक्टर को नोटिस जारी किया है। यह मामला 1984 का बताया गया है।