फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   anganwadi kendra will become like pre- primary school, syllabus being prepared

प्री-प्राइमरी स्कूल की तरह चलेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, यह व्यवस्था लागू करने वाला पहला राज्य होगा यूपी

Fri, 28 Aug 2020 01:15 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 28 Aug 2020 01:15 PM IST
विज्ञापन
anganwadi kendra will become like pre- primary school, syllabus being prepared
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्र अब प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित होंगे। बेसिक शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन स्कूलों के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने व संसाधन जुटाने की कवायद शुरू कर दी है। कोरोना काल में स्थितियां सामान्य होने और राज्य सरकार के इजाजत देने पर इसी साल से, नहीं तो शैक्षिक सत्र 2021-22 से संचालित किए जाएंगे।
विज्ञापन


नई शिक्षा नीति-2020 के तहत इस व्यवस्था को लागू करने वाला यूपी देश का पहला राज्य होगा। इसके लिए हर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए यूनिसेफ ने ‘ब्लेंडेड एप्रोच’ नाम से कार्यक्रम तैयार किया है। इस वर्ष मार्च में बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में संचालित करने का सुझाव दिया था। इसके लिए यूनिसेफ ने मदद का प्रस्ताव भी दिया था। अब इसे अंतिम रूप दिया गया है।
विज्ञापन

प्री-प्राइमरी के लिए तैयार हो रहा पाठ्यक्रम

देश के आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित करने के लिए प्री-प्राइमरी का पाठ्यक्रम तैयार कराया जा रहा है। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने बताया कि राज्य शैक्षिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान और महिला एवं बाल विकास विभाग प्री प्राइमरी स्कूल के लिए पाठ्यक्रम और सीखने के मापदंड भी तैयार कर रहा है।

पाठ्यक्रम को ऐसा बनाया जा रहा है कि परिषदीय स्कूलों में दाखिला लेने पर बच्चों को कक्षा एक से एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम पढ़ने में कोई परेशानी न हो। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को पाठ्य सामग्री भी मुहैया कराया जाएगा। जिससे बच्चों में पढ़ने, लिखने व समझने की क्षमता विकसित होगी। नई शिक्षा नीति-2020 में 3 से 6 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी स्कूल में शिक्षा देना अनिवार्य है। इसे निशुल्क व शिक्षा के अधिकार अधिनियम के दायरे में लाने की बात भी कही गई है।

स्कूलों के संचालन के लिए बनेगा रिसोर्स ग्रुप
प्री प्राइमरी स्कूल के संचालन के लिए ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर रिसोर्स ग्रुप का गठन किया जाएगा। राज्य स्तरीय ग्रुप में तीन सौ सदस्य होंगे। इसमें हर जिले के बाल विकास परियोजना अधिकारी, दो मुख्य सेविका और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed