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Lucknow News: सिख, बौद्ध और जैन के साथ मुस्लिम धर्मावलंबी भी होंगे मेहमान
Tue, 16 Jan 2024 02:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 16 Jan 2024 02:21 AM IST
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अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में भव्य मंदिर में नवीन विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा में सबके राम की परिकल्पना साकार होगी। समारोह में सिख, बौद्ध और जैन के साथ देश के चुनिंदा मुस्लिम धर्मावलंबी भी मेहमान होंगे। इन्हें रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से आमंत्रण भेजा गया है।
ट्रस्ट की ओर से मुस्लिम धर्म से जुड़े जिन खास शख्सियतों को समारोह में आने का न्योता दिया गया है उनमें देश के प्रख्यात पुरातत्वविद केके मोहम्मद और केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान शामिल हैं। पुरातत्वविद केके मोहम्मद वर्ष 1976-77 के दौरान अयोध्या में विवादित स्थल की खोदाई में शामिल थे। खोदाई में इस बात के पर्याप्त सबूत मिले थे कि बाबरी ढांचे के बनने से पहले वहां एक बड़ा मंदिर था। इसी तरह केरल के राज्यपाल मुस्लिम समाज के भीतर सुधार के समर्थक के तौर पर पहचान रखते हैं। वर्ष 1986 में उन्होंने शाहबानो मामले में कांग्रेस सरकार के रुख के विरोध में केंद्रीय राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।
इन दो नामचीन चेहरों के अलावा अयोध्या विवाद में बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी, भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी, शहनवाज हुसैन और पद्मश्री मो. शरीफ को भी आमंत्रित किया गया है। मुस्लिमों के अलावा समारोह में सिख, बौद्ध और जैन धर्म का भी प्रतिनिधित्व रहेगा।
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दिगंबर जैन तीर्थ कमेटी के चेयरमैन जैन मुनि रवींद्र कीर्ति, जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी ज्ञानमती माता और चंदनामती माता को आमंत्रण दिया गया है। बौद्ध धर्म से सर्वोच्च धर्मगुरु दलाई लामा और सिख धर्म से ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा के गुरुग्रंथी गुरजीत सिंह व नजरबाग गुरुद्वारा के जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह भी समारोह के मेहमान होंगे।
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ट्रस्ट की ओर से मुस्लिम धर्म से जुड़े जिन खास शख्सियतों को समारोह में आने का न्योता दिया गया है उनमें देश के प्रख्यात पुरातत्वविद केके मोहम्मद और केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान शामिल हैं। पुरातत्वविद केके मोहम्मद वर्ष 1976-77 के दौरान अयोध्या में विवादित स्थल की खोदाई में शामिल थे। खोदाई में इस बात के पर्याप्त सबूत मिले थे कि बाबरी ढांचे के बनने से पहले वहां एक बड़ा मंदिर था। इसी तरह केरल के राज्यपाल मुस्लिम समाज के भीतर सुधार के समर्थक के तौर पर पहचान रखते हैं। वर्ष 1986 में उन्होंने शाहबानो मामले में कांग्रेस सरकार के रुख के विरोध में केंद्रीय राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।
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इन दो नामचीन चेहरों के अलावा अयोध्या विवाद में बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी, भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी, शहनवाज हुसैन और पद्मश्री मो. शरीफ को भी आमंत्रित किया गया है। मुस्लिमों के अलावा समारोह में सिख, बौद्ध और जैन धर्म का भी प्रतिनिधित्व रहेगा।
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दिगंबर जैन तीर्थ कमेटी के चेयरमैन जैन मुनि रवींद्र कीर्ति, जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी ज्ञानमती माता और चंदनामती माता को आमंत्रण दिया गया है। बौद्ध धर्म से सर्वोच्च धर्मगुरु दलाई लामा और सिख धर्म से ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा के गुरुग्रंथी गुरजीत सिंह व नजरबाग गुरुद्वारा के जत्थेदार बाबा महेंद्र सिंह भी समारोह के मेहमान होंगे।