यूपी में अब हर छात्र को मिलेगा वजीफा, बाहर पढ़ रहे छात्रों को भी मिलेगा लाभ
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प्रदेश में अब हर छात्र को वजीफा दिया जाएगा। जबकि, शुल्क की भरपाई मेरिट के आधार पर होगी। सोमवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम ने यह फैसला सुनाया। चालू वित्त वर्ष में योजना का लाभ लेने के लिए रिकॉर्ड 1.10 करोड़ आवेदन आए हैं। इससे पहले यह संख्या 60-70 लाख तक ही सीमित रही है।
सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सामान्य, पिछड़े, अनुसूचित जाति व जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग के सभी छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाएगा।
बैठक में तय हुआ कि उसके बाद जो भी बजट बचेगा, उससे मेरिट के आधार पर शुल्क की भरपाई की जाएगी। हालांकि, अनुसूचित जाति व जनजाति के सभी विद्यार्थियों की शुल्क भरपाई के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में इस पर भी सहमति बनी कि अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग की नियमावली की तर्ज पर ही शेष वर्गों के विद्यार्थियों के लिए आयसीमा बढ़ाकर ढाई लाख रुपये सालाना कर दी जाए। अभी तक इन वर्गों के उन्हीं विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलता है, जिनके परिवार की सालाना आमदनी दो लाख रुपये सालाना तक है।
सीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार ने एससी व एसटी छात्रों के लिए वजीफा 2250 रुपये सालाना से बढ़ाकर तीन हजार रुपये कर दिया है। समाज कल्याण विभाग ने वर्ष 2016-17 में 20.88 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति दी थी, जबकि पिछले वित्त वर्ष में 23 लाख छात्रों को योजना का लाभ दिया गया।
इस वर्ष भी 25 लाख से ज्यादा छात्रों को योजना का लाभ दिया जाएगा। समाज कल्याण विभाग सामान्य और अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों को ही छात्रवृत्ति देता है। यहां बता दें कि इस साल कुल 1.10 करोड़ विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन किया है। इनमें से 85 लाख विद्यार्थियों ने अपने आवेदन का फाइनल प्रिंट भी ले लिया है। जबकि, पिछले वर्ष 70 लाख विद्यार्थियों ने ही फाइनल प्रिंट लिया था।
प्रदेश से बाहर पढ़ रहे सामान्य छात्रों को भी लाभ
40 लाख से अधिक लोगों को मिलेगी वृद्धावस्था पेंशन
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018-19 में 40 लाख से अधिक लोगों को वृद्धावस्था पेंशन के रूप में 1952 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। जबकि, वर्ष 2016-17 में 36.52 लाख बुजुर्गों को ही योजना का लाभ मिला था। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत भी वर्ष 2017-18 में 86256 और वर्ष 2018-19 में अभी तक 36576 लोगों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। जो उससे पहले के वर्षों के मुकाबले कहीं ज्यादा है।
अत्याचार के मामलों में टीआर-27 के तहत होगा तत्काल भुगतान
इसी तरह से अत्याचार से प्रभावित अनुसूचित जाति व जनजाति के व्यक्तियों को पिछले वित्त वर्ष में 151 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। वहीं, वर्ष 2016-17 में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में 47.74 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता ही दी गई थी। इतना ही नहीं इस योजना के तहत डीएम को यह अधिकार दिया गया है कि वे टीआर-27 के तहत तत्काल पीड़ित पक्ष को मुआवजा दें। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत वर्ष 2017-18 में 14580 सामूहिक विवाह कराए गए थे। वर्ष 2018-19 में अभी तक 6361 जोड़ों के विवाह हो चुके हैं। नवंबर में एक ही दिन में 10 हजार जोड़ों को विवाह बंधन में बांधे जाने की योजना है।
पेंशन योजना में शामिल होंगे 12 लाख नए लाभार्थी
मुख्यमंत्री ने वृद्धावस्था व निराश्रित महिला पेंशन के लिए पात्र पाए गए 12 लाख महिला व पुरुषों को शीघ्र योजना का लाभ देने के निर्देश दिए। इनमें 9 लाख वृद्धावस्था पेंशन और 3 तीन लाख महिलाएं निराश्रित पेंशन के लिए पात्र मिली हैं।