{"_id":"628e70e64c148e76544c1932","slug":"all-india-muslim-personal-law-board-will-go-to-supreme-court-to-save-its-holy-places","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gyanvapi Mosque: इबादतगाहों की हिफाजत के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gyanvapi Mosque: इबादतगाहों की हिफाजत के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड
Thu, 26 May 2022 12:00 AM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 26 May 2022 12:00 AM IST
सार
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया ज्ञानवापी मस्जिद सहित अन्य धर्मस्थलों की हिफाजत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेगा। यह निर्णय बोर्ड की मजलिस-ए-शूरा में लिया गया।
विज्ञापन
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया ज्ञानवापी मस्जिद सहित देश भर के इबादतगाहों की हिफाजत के लिए जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेगा। बुधवार को बोर्ड की मजलिस-ए-शूरा की बैठक में इसका निर्णय लिया गया। बैठक में तय हुआ कि धर्म स्थल अधिनियम 1991 की वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल की गई याचिका में भी बोर्ड पक्षकार बनेगा। इसके अलावा बैठक में वर्तमान समय में धार्मिक मुददों पर विवाद पैदा करने को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश मानते हुये इबादतगाह बचाओ अभियान देश भर में चलाने पर सहमति बनी।
विज्ञापन
खदरा स्थित जमीअतुल कुर्रा में बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद यूसुफ अजीजी की अध्यक्षता में संपन्न हुई वर्चुअल बैठक में देश भर में तमाम मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाने के लगातार हो रहे दावों पर चिंता जाहिर की गई। इसके अलावा प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट पर चर्चा करते हुये ज्ञानवापी सहित अन्य मस्जिदों पर किये जा रहे मुकदमों पर सवाल उठाये गये।
विज्ञापन
बोर्ड के महासचिव डा. मोईन अहमद खान ने कहा कि संविधान की व्यवस्था जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी बाबरी मस्जिद जजमेंट में मान्यता दी है उसके बाद भी निचली अदालतों से आये आदेश के बाद मुस्लिम समुदाय आहत व बेचैन है। ऐसे में मस्जिदों, दरगाहों पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में इबादतगाहों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ से रोकने की अपील करेगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि संविधान, कानून के संरक्षण की जिम्मेदारी सरकार की है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को देश को भरोसा दिलाना चाहिये कि किसी के साथ गलत नही होगा। इस मौके पर मुख्य रूप से बोर्ड के उपाध्यक्ष नसीम अहमद, संयोजक जावेद अहमद आदि मौजूद रहे।