{"_id":"90b4cc54d3834fab9b02605d2dc03605","slug":"all-about-up-tet","type":"story","status":"publish","title_hn":"उफ! ये टीईटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उफ! ये टीईटी
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Mon, 02 Dec 2013 09:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षा विभाग के अधिकारी हों या छात्र सभी के लिए टीईटी जी का जंजाल बना हुआ है।
विज्ञापन
केंद्र ने तो नियम बनाया कि अच्छे और योग्य शिक्षक स्कूलों को मिलें। पर यूपी के लिए यह परेशानी का सबब बना हुआ है।
सरकार अल्पसंख्यकों को रिझाने के लिए मोअल्लिम वालों को शिक्षक बनाना चाहती थी, लेकिन टीईटी ने खूब परेशान किया।
अंतत: मोअल्लिम वालों के लिए अलग से टीईटी कराकर काम चलाया गया। अब प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती में यही टीईटी का झंझट खड़ा हो गया है।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि टीईटी मेरिट से शिक्षकों की भर्ती की जाए। आदेश आते ही बेसिक शिक्षा विभाग के आला अधिकारी परेशान हो गए।
एक आला अधिकारी को तो टीईटी ने ऐसा परेशान किया कि वे भागे-भागे घूम रहे हैं। विभाग में इसको लेकर खूब चर्चाएं हैं। कहा जा रहा है कि देखो टीईटी कितनों के पसीने छुड़ाता है।
(इस खबर पर प्रतिक्रिया देने के लिए नीचे के बॉक्स में कमेट करें, शेयर करने के लिए फेसबुक शेयर बटन पर क्लिक करें)