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लो कर लो बात, यह विभाग तो कोई और ही चला रहा
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 02 Sep 2013 10:33 AM IST
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वाणिज्य कर विभाग की व्यवस्था को निजी कर्मचारी चला रहे हैं। यह कर्मचारी अफसरों की सरपरस्ती में दफ्तर से लेकर सचल दल तक में शामिल हैं।
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उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री सुरेश सिंह यादव ने आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया कि लखनऊ जोन सहित प्रदेश में करीब 800 निजी कर्मचारी कार्यरत हैं।
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जो न तो संविदा के है और न ही सरकारी, लेकिन पंजीयन सेल से लेकर वाणिज्य कर निर्धारण कक्ष तक इन कर्मियों की साठगांठ है।
अफसरों के लिए यह कर्मचारी घूसखोरी का जरिया बने हैं। यह कर्मचारी सचल दल के ड्राइवर के रूप में ओवर लोड वाहन की चेकिंग तक करने जाते हैं।