{"_id":"d91279b8a8f1385ef6ca0d7fcaba0765","slug":"all-about-aadhar-card","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन बनवाएगा आधार कार्ड ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन बनवाएगा आधार कार्ड
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 05 Jan 2014 11:28 AM IST
विज्ञापन
घरेलू गैस उपभोक्ताओं को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर फॉर एलपीजी कंज्यूमर
विज्ञापन
(डीबीटीएल) के तहत सब्सिडी युक्त सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के
लिए अलग-अलग जिम्मेदारी तय होगी।
इसके तहत बायोमीट्रिक पंजीयन कराने व आधार कार्ड बनवाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन निभाएगा, जबकि तेल कंपनियां गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ता के आधार कार्ड को बैंक खाते व एलपीजी कंज्यूमर नंबर से संबद्ध कराएंगी।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन देवेंद्र कुमार पांडेय ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नामित नोडल अधिकारी और एडीएम वित्त व राजस्व को निर्देशित किया गया है।
वे बॉयोमीट्रिक पंजीयन व आधार कार्ड बनवाने से जुड़े जनगणना विभाग, नगर निगम व नामित वेंडर एजेंसियों के बीच सामंजस्य बनवाएंगे और शिविरों की संख्या बढ़ाकर बायोमीट्रिक पंजीयन में तेजी लाएंगे।
एडीएम प्रशासन ने साफ किया कि जनगणना महानिदेशालय से एनपीआर के इतर बॉयोमीट्रिक पंजीयन कैंप लगवाने की अनुमति लेने का प्रयास किया जा रहा है।
अनुमति मिलने पर गैस एजेंसियों पर वेंडर कर्मियों को भेजकर बायोमीट्रिक पंजीयन और 24 घंटे में आधार कार्ड बनवाया जाएगा। उधर, गैस एजेंसियों ने काम की अधिकता बताते हुए इसका विरोध किया है।
इसके तहत बायोमीट्रिक पंजीयन कराने व आधार कार्ड बनवाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन निभाएगा, जबकि तेल कंपनियां गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ता के आधार कार्ड को बैंक खाते व एलपीजी कंज्यूमर नंबर से संबद्ध कराएंगी।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन देवेंद्र कुमार पांडेय ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नामित नोडल अधिकारी और एडीएम वित्त व राजस्व को निर्देशित किया गया है।
वे बॉयोमीट्रिक पंजीयन व आधार कार्ड बनवाने से जुड़े जनगणना विभाग, नगर निगम व नामित वेंडर एजेंसियों के बीच सामंजस्य बनवाएंगे और शिविरों की संख्या बढ़ाकर बायोमीट्रिक पंजीयन में तेजी लाएंगे।
एडीएम प्रशासन ने साफ किया कि जनगणना महानिदेशालय से एनपीआर के इतर बॉयोमीट्रिक पंजीयन कैंप लगवाने की अनुमति लेने का प्रयास किया जा रहा है।
अनुमति मिलने पर गैस एजेंसियों पर वेंडर कर्मियों को भेजकर बायोमीट्रिक पंजीयन और 24 घंटे में आधार कार्ड बनवाया जाएगा। उधर, गैस एजेंसियों ने काम की अधिकता बताते हुए इसका विरोध किया है।