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कौन हैं तीस मार खां
ब्यूरो/ अमरउजाला, लखनऊ
Updated Mon, 06 Jan 2014 04:00 PM IST
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पिछले दिनों प्रमुख सचिव गृह ने एक बैठक कर विभिन्न जांच एजेंसियों से जवाब तलब किया था कि उन्होंने पिछले एक अरसे के दौरान जो तीर मारे हैं, उसकी जानकारी दें।
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विभागाध्यक्ष की नाराजगी को भांपते हुए जांच एजेंसियों के अधिकारी जब तक कोई तैयारी कर पाते, पुलिस महकमे के अधिकारियों ने अपना ब्यौरा जारी कर दिया।
मंशा यह थी कि इसी बहाने खुद का झंडा भी बुलंद कर लिया जाए। पुलिस विभाग के अधिकारियों की तेजी के सामने ढीले पड़े जांच एजेंसियों के अफसर बाद में भुनभुनाते सुने गए।
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वे यह कहकर अपनी सफाई दे रहे थे कि जांच एजेंसियों के पास विशेष मामले आते हैं, जिन्हें हल करने में समय लगता है।
पुलिस में तो रोज ही किसी न किसी जिले में कोई न कोई धरपकड़ होती है। सबको इकट्ठा कर परोस देने से यह साबित तो होगा नहीं कि उन्होंने अधिक तीर मारे हैं।
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