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दीपावली को लेकर अस्पतालों में अलर्ट, इमरजेंसी में इन नंबरों पर करें फोन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 05 Nov 2018 12:04 PM IST
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दीपावली के मद्देनजर सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। डॉक्टरों की ड्यूटी लगा दी गई है। अस्पतालों में बेड भी आरक्षित कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दो दिन पहले आदेश दे दिया है कि दीपावली की रात चिकित्सकों को 24 घंटे ऑन कॉल उपलब्ध रहना होगा।
बर्न यूनिट में मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की जाए। सिविल की बर्न यूनिट में पहले से ही कई मरीज भर्ती हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे का कहना है कि करीब 50 बेड आरक्षित कर लिए गए हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ, प्लास्टिक सर्जन, आर्थोपैडिक सर्जन की ड्यूटी तय कर दी गई है।
इसी तरह बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव लोचन ने बताया कि इमरजेंसी में बर्न मरीजों के लिए चार बेड रिजर्व किए गए हैं। वहीं नेत्र रोग विभाग में 20 बेड अलग से आरक्षित किए गए हैं। प्लास्टिक सर्जन, नेत्र सर्जन, आर्थोपेडिक सर्जन की 24 घंटे ऑन कॉल ड्यूटी लगाई गई है। लोहिया अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि 10 बेड रिजर्व करने के साथ डॉक्टरों की ड्यूटी तय की गई है।
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बर्न यूनिट में मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की जाए। सिविल की बर्न यूनिट में पहले से ही कई मरीज भर्ती हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे का कहना है कि करीब 50 बेड आरक्षित कर लिए गए हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ, प्लास्टिक सर्जन, आर्थोपैडिक सर्जन की ड्यूटी तय कर दी गई है।
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इसी तरह बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ. राजीव लोचन ने बताया कि इमरजेंसी में बर्न मरीजों के लिए चार बेड रिजर्व किए गए हैं। वहीं नेत्र रोग विभाग में 20 बेड अलग से आरक्षित किए गए हैं। प्लास्टिक सर्जन, नेत्र सर्जन, आर्थोपेडिक सर्जन की 24 घंटे ऑन कॉल ड्यूटी लगाई गई है। लोहिया अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि 10 बेड रिजर्व करने के साथ डॉक्टरों की ड्यूटी तय की गई है।
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केजीएमयू में खोला गया डिजास्टर वार्ड
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केजीएमयू में खोला गया डिजास्टर वार्ड
दिवाली को लेकर केजीएमयू में भी अलर्ट कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की ड्यूटी से लेकर बेड तक रिजर्व कर दिए गए हैं। प्रवक्ता डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि ट्रॉमा में बने डिजास्टर वार्ड को खोल दिया गया है। वहीं बर्न की दवाएं समेत सुविधाएं वहां पर मिलेंगी। कहा प्लास्टिक सर्जन, आर्थोपैडिक व नेत्र रोग विशेष की भी ड्यूटी तय की गई है।
केजीएमयू के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एकके सिंह का कहना है कि पटाखा जलाते समय जरा सी असावधानी जानलेवा हो सकती है। पटाखे से जल जाते हैं तो जले हुए हिस्से को 10 से 15 मिनट तक पानी में रखें। इसके बाद डॉक्टर को दिखाएं।
जले हुए हिस्से में गोबर, कीचड़ या राख नहीं लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि दीपावली पर कोशिश करें कि केवल रोशनी वाले पटाखे का ही इस्तेमाल करें। पटाखे खुली जगह पर जलाएं और ढीले एवं सिंथेटिक कपड़े न पहनें। पटाखों का ज्वलनशील पदार्थो जैसे पेट्रोल, केरोसिन एवं एलपीजी के आस-पास नहीं जलाना चाहिए।
दिवाली को लेकर केजीएमयू में भी अलर्ट कर दिया गया। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की ड्यूटी से लेकर बेड तक रिजर्व कर दिए गए हैं। प्रवक्ता डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि ट्रॉमा में बने डिजास्टर वार्ड को खोल दिया गया है। वहीं बर्न की दवाएं समेत सुविधाएं वहां पर मिलेंगी। कहा प्लास्टिक सर्जन, आर्थोपैडिक व नेत्र रोग विशेष की भी ड्यूटी तय की गई है।
केजीएमयू के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एकके सिंह का कहना है कि पटाखा जलाते समय जरा सी असावधानी जानलेवा हो सकती है। पटाखे से जल जाते हैं तो जले हुए हिस्से को 10 से 15 मिनट तक पानी में रखें। इसके बाद डॉक्टर को दिखाएं।
जले हुए हिस्से में गोबर, कीचड़ या राख नहीं लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि दीपावली पर कोशिश करें कि केवल रोशनी वाले पटाखे का ही इस्तेमाल करें। पटाखे खुली जगह पर जलाएं और ढीले एवं सिंथेटिक कपड़े न पहनें। पटाखों का ज्वलनशील पदार्थो जैसे पेट्रोल, केरोसिन एवं एलपीजी के आस-पास नहीं जलाना चाहिए।